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मोहे और कछु न चाहिए, राधा-कृष्ण से मिलाइये…” — नरसिंह मेहता की भक्ति में डूबा गणेश गौशाला परिसर

“मोहे और कछु न चाहिए, राधा-कृष्ण से मिलाइये…” — नरसिंह मेहता की भक्ति में डूबा गणेश गौशाला परिसर


गौ माता की सेवा प्रभु भक्ति से कम नहीं, ,दीदी कृष्ण प्रियाजी,
विधायक कंचन तनवे और महापौर अमृता यादव ने किया कथा का रसपान, भजनों पर झूम उठा पूरा पंडाल।

खण्डवा। पूर्व निमाड़ सामाजिक सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा आयोजित 5 दिवसीय “नानी बाई रो मायरो” कथा इन दिनों श्री गणेश गौशाला परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच आयोजित की जा रही है। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चल रही कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।समाज सेवी व समिति सदस्य सुनील जैन ने बताया की कथा के दूसरे दिन मंगलवार को वृंदावन धाम से पधारी कथा वाचक कृष्णप्रिया जी महाराज ने भक्त शिरोमणि नरसिंह मेहता और नानी बाई के जीवन से जुड़े भावुक प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
कथा में कृष्णप्रिया जी ने कहां की नरसिंह मेहता बचपन से ही प्रभु भक्ति में लीन रहते थे। किसी भी कठोर बातों से आप प्रगति पथ पर जाते हो तो वह वह पूजनीय है, नरसिंह जी के विरक्त भाव का वर्णन करते हुए भगवान शिव और भगवान कृष्ण से उनके साक्षात्कार की कथा सुनाते हुए कहा कि, एक दिन अपनी भोजाई के कहने पर जंगल में लकड़ी लेने गए, लेकिन रास्ते में भजन-कीर्तन सुनकर वहीं भक्ति में डूब गए। उसी भावावस्था में उन्होंने महादेव से ठाकुर जी के दर्शन और सेवा की कामना की। जब महादेव ने वरदान मांगने को कहा, तब नरसिंह मेहता ने कहा —
“मोहे और कछु न चाहिए, राधा-कृष्ण मिलाइये…”
उनकी निष्काम भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने ठाकुर जी तक उनका संदेश पहुंचाया।
कथा में आगे बताया गया कि जूनागढ़ लौटने के बाद नरसिंह मेहता के जीवन में दिव्यता आ गई। लोग उनके माथे के तिलक, गले की माला और भक्ति का मजाक उड़ाते थे, लेकिन वे प्रभु प्रेम में अडिग रहे। ईश्वर कृपा से वे समृद्ध व्यापारी बने और पत्नी के साथ हुंडी व्यापार करने लगे। उनके एक पुत्र और एक पुत्री “नानी” थी, लेकिन जीवन ने उन्हें कई दुख भी दिए। पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया और बाद में उनका पुत्र भी बीमारी के चलते संसार छोड़ गया।
कृष्णप्रिया जी महाराज ने भावुक स्वर में बताया कि जैसे-तैसे नानी बाई का विवाह हुआ, लेकिन विवाह के बाद किसी ने उसकी सुध नहीं ली। वह हमेशा अपने पिता नरसिंह मेहता की खबर पूछती रहती थी। इसी बीच नानी बाई के यहां विवाह समारोह का अवसर आया। बड़ी मुश्किल से निमंत्रण पत्रिका नरसिंह मेहता के नाम लिखी गई। समाज के लोग उपहास उड़ाते हुए कहने लगे —
“नरसिंह बाबाजी आएंगे तो बस झांझ-मजीरा ही बजाएंगे, हमारी हंसी होगी…”
कथा में बताया गया कि नानी बाई की ददिया सास ने मायरे से बचने के लिए एक चाल चली। उन्होंने मायरे की इतनी लंबी सूची तैयार करवाई कि कोई सामान्य व्यक्ति उसे पूरा ही नहीं कर सकता था। कथा वाचक ने बताया कि सूची में
“सवा पच्चीस मन सुपारी, सवा पच्चीस मन रोली, सवा पच्चीस मन कलावा, अस्सी हजार मोहरे, दो सोने के भाटा”
जैसी भारी सामग्री लिखवाई गई। इतना ही नहीं, यह विशाल मायरे की सूची कंकू पत्री के साथ चिपका दी गई ताकि नरसिंह मेहता मायरा लेकर आने का साहस ही न कर सकें। समाजसेवी समिति सदस्य सुनील जैन ने बताया कि कथा के दौरान कृष्णप्रिया जी महाराज ने संगीतमय अंदाज में कई सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। विशेष रूप से
“मैं शिव ही शिव को ध्याऊँ, जल से स्नान कराऊँ…”
भजन पर पूरा पंडाल भक्तिमय माहौल में झूम उठा। श्रद्धालु तालियों और जयकारों के साथ भक्ति रस में डूबे नजर आए। पूरा प्रांगण “राधे-राधे” और “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजता रहा। कथा में श्री कृष्णा पिया जी ने नरसिंह जी एवं सेवा एवं गौ सेवा के प्रसंग खाते हुए कहा कि सुनते हुए कहा कि वह माता की सेवा पशु समझकर एवं दूध के लिए नहीं करें, गौ सेवा प्रभु भक्ति को प्राप्त करने के लिए करें, सच्चे मन से आपके द्वारा की गई गौ सेवा प्रभु भक्ति से कम नहीं है। जो व्यक्ति भगवान से जुड़ गया उसके परिवार के पालन की जिम्मेदारी स्वयं भगवान करते हैं, संत तुकाराम भगवान विट्ठल की कथा भी भावुकता से सुनाई। दूसरे दिन मंगलवार कथा में मुफ्ती अजमान मुख्य यजमान विधायक कंचन मुकेश तनवे, अमरजीत सलूजा गुरदीप कोर सलूजा थे। अतिथि के रूप में महापौर अमृता यादव कथा रसपान किया और दीदी का स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य और भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया। समिति एवं कथा के संयोजक आशीष चटकेले ने सभी धर्म धर्म प्रेमी बंधुओ मातृशक्ति से अधिक मास में श्री गणेश गौशाला में वृंदावन की प्रसिद्ध संत कृष्ण प्रिया जी के मुखारविंद से नानी बाई रो मायरो का वाचन सरल, सहज शब्दों में किया जा रहा है, कथा में उपस्थित होकर पुण्य लाभ प्राप्त करे। सुनील जैन ने बताया की कथा में विधायक कंचन तंनवे, महापौर अमृता अमर यादव, श्रीमती उमा विधायक नारायण पटेल, दैनिक यजमान मनोज यादव, रितिक यादव, नम्रता यादव, भावनी यादव, तनय गुप्ता, संयोजक आशीष चटकेले, भूपेंद्र सिंह चौहान, रामचंद्र मौर्य, राजेश यादव, अनिल वर्मा, सर्वेश राठौर, मनीषा पाटिल, रिंकू राठौर, सुनील जैन, कैलाश पटेल, अनिल बाहेती, रितेश चौहान, अमित पालीवाल नागेश वालंजकर, मंगलेश शर्मा सहीत बड़ी संख्या में कथा में श्रद्धालु उपस्थित थे। संचालन भूपेंद्र सिंह चौहान ने किया।

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