पवई में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक पर उठे सवाल*
*पवई में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक पर उठे सवाल*

*पत्रकारों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित न किए जाने की चर्चा, प्रशासन से स्पष्टता की अपेक्षा*
रिपोर्टर –
पवई। आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर पवई में आयोजित प्रशासनिक बैठक के बाद स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। चर्चा का मुख्य विषय यह रहा कि बैठक में स्थानीय पत्रकारों एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया। हालांकि प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों पर चर्चा की गई। वहीं स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाए जा रहे हैं कि राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण आयोजन की तैयारियों में समाज के विभिन्न वर्गों, जनप्रतिनिधियों तथा मीडिया की सहभागिता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में प्रशासन और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। राष्ट्रीय आयोजनों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है। ऐसे में यदि उन्हें बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया, तो यह विषय स्वाभाविक रूप से चर्चा का कारण बन सकता है।
इसी प्रकार कुछ लोगों का यह भी मत है कि विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति से राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में व्यापक जनसहभागिता और समन्वय का संदेश जाता है। इसलिए भविष्य में ऐसे आयोजनों में सभी संबंधित पक्षों की सहभागिता सुनिश्चित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर एसडीएम कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि बैठक में आमंत्रण को लेकर कोई विशेष प्रक्रिया अपनाई गई थी, तो प्रशासन को इस संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।
राष्ट्रीय पर्व पूरे देश और समाज का उत्सव है। ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता, समावेशिता और सभी वर्गों की सहभागिता लोकतांत्रिक परंपराओं को और अधिक सशक्त बनाती है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों में सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में क्या कदम उठाता है।