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श्मशान गांव के बाहर नहीं, बल्कि शहर के बीच चौराहे पर होना चाहिए।

*श्मशान गांव के बाहर नहीं, बल्कि शहर के बीच चौराहे पर होना चाहिए। श्मशान उस जगह होना चाहिए जहां से आदमी दिन में 10 बार गुजरता है ताकि जब-जब वह वहां से गुजरे तो वहां जलती लाशे और अधजले मुर्दों को देख कर उसे भी अपनी मृत्यु का ख्याल आ जाए और अगर ऐसा हुआ तो दुनिया के 70 फ़ीसदी पाप और अपराध खत्म हो जाएंगे। आज का आदमी भूल गया है कि कल उसे मर जाना है तुम कहते जरूर होगे एक दिन सभी को मर जाना है।*
*पर उन मरने वालों में तुम अपने आप को अपने को कहा गिनते हो?*

🚩 *मुनी श्री पंकज जी महाराज हिंदुस्तानी फक्कड* 🚩

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