स्मार्ट बिजली मीटर नहीं लगवाने पर होंगी कार्यवाही*
लोकेशन-पवई
संवाददाता- Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट

*जनता जनार्दन से पवई टाउन एस के गेडाम द्वारा बिजली स्मार्ट मीटर लगाने हेतु अनुरोध किया गया*
*मीटर लगाने वाले किसी भी कर्मचारी को आप परेशान ना करें अन्यथा आप पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी*
पवई संभाग में पदस्थ कार्यापालन अभियंता
एस के गेडाम द्वारा पवई टाउन में स्मार्ट बिजली मीटर लगवाने हेतु अनुरोध किया गया है और उन्होंने कहा की स्मार्ट बिजली मीटर नहीं लगवाने पर विभिन्न प्रकार की कार्यवाही हो सकती है, जो कि राज्य और बिजली वितरण कंपनी के नियमों पर निर्भर करती है। हालांकि, कुछ सामान्य कार्यवाही निम्नलिखित हो सकती हैं:
बिजली कनेक्शन काटा जाना: कई राज्यों में, खासकर जहां स्मार्ट मीटर को अनिवार्य किया गया है, बिजली विभाग उन उपभोक्ताओं के कनेक्शन काट सकता है जो स्मार्ट मीटर लगाने से इनकार करते हैं। इसे सरकारी काम में बाधा डालने के रूप में भी देखा जा सकता है।
बढ़ी हुई टैरिफ या उच्च बिल: कुछ बिजली प्रदाता उन उपभोक्ताओं के लिए अधिभार दरें (surcharge rates) लागू कर सकते हैं जो पारंपरिक मीटर का उपयोग करते रहते हैं, जहां बिलिंग में अक्षमताएं और ऊर्जा की बर्बादी अधिक होती है।
अनुमानित बिलिंग (Estimated Billing): स्मार्ट मीटर के बिना, आपके बिल का अनुमानित खपत के आधार पर हिसाब किया जा सकता है, न कि वास्तविक उपयोग के आधार पर। इससे गलत बिलिंग हो सकती है, अक्सर खपत का अधिक अनुमान लगाया जाता है और बिल बढ़ा हुआ आता है।
जुर्माना और दंड (Penalties and Fines): सरकार की ‘रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS)’ जैसे आक्रामक रोलआउट लक्ष्यों को देखते हुए, कुछ क्षेत्रों में 2025 तक स्मार्ट मीटर नहीं लगाने वाले घरों पर वित्तीय दंड लगाया जा सकता है। इसमें एक बार का जुर्माना या मासिक बिलों पर आवर्ती शुल्क शामिल हो सकता है।
सरकारी काम में बाधा डालने पर कानूनी कार्रवाई: यदि कोई उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करता है और बिजली विभाग के कर्मचारियों को काम करने से रोकता है, तो इसे सरकारी काम में बाधा डालने के रूप में देखा जा सकता है और इस पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
स्मार्ट होम एकीकरण तक सीमित पहुंच: स्मार्ट मीटर के बिना, आप रिमोट उपकरण नियंत्रण, स्वचालित ऊर्जा बचत और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के साथ एकीकरण जैसी स्मार्ट होम सुविधाओं से वंचित रह सकते हैं।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि स्मार्ट मीटर आमतौर पर निःशुल्क लगाए जाते हैं और इसके कई फायदे भी हैं, जैसे वास्तविक समय में ऊर्जा खपत की निगरानी, सटीक बिलिंग, बिजली कटौती के अलर्ट और बेहतर ऊर्जा प्रबंधन।
यदि आपको स्मार्ट मीटर लगाने में कोई समस्या आ रही है या आपको लगता है कि गलत तरीके से आपसे पैसे मांगे जा रहे हैं, तो आप तुरंत बिजली विभाग के टोल-फ्री नंबर (जैसे 1912) पर शिकायत कर सकते हैं।
अतः पवई टाउन के समस्त उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाए और विधुत विभाग एव शासन का कृपया सहयोग प्रदान करें