अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ बिजली बहाल करें: कमिश्नर*

*वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सडकों की मरम्मत कराएं*
*केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों को मुआवजा राशि का वितरण तेजी से कराएं*
*रिपोर्टर- एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट*
कमिश्नर सागर संभाग अनिल सुचारी ने सागर संभाग के अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ विद्युत की आपूर्ति बहाल करने के निर्देश ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सागर संभाग के सभी जिलों में लोगों को समुचित बिजली की आपूर्ति होना चाहिए। साथ ही सभी जिलों में बिगड़े हुए ट्रांसफार्मरों को सुधारने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने उक्त निर्देश आज विकास और निर्माण कार्यों की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए।
बैठक में कमिश्नर ने सागर संभाग में वर्षा काल में सड़कों की स्थिति की जिलेवार समीक्षा करते हुए कहा कि वर्षाकाल में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत की जाए तथा मुख्य सड़कों से पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने कहा कि सडकों में पानी के जमाव के कारण सड़कें खराब होती है। अतः सागर संभाग की प्रमुख सड़कों में पानी का भराव नहीं हो इसकी भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बैठक में केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों को मुआवजे का वितरण तेजी से किया जाए। साथ ही प्रभावित लोगों के पुनर्वास की व्यवस्था भी सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अधीक्षण यंत्री जल संसाधन ने बताया कि केन-बेतवा नहर लिंक परियोजना के भू-अर्जन का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि छतरपुर और पन्ना जिले के 22 गांवो में भू-अर्जन की कार्यवाही की जा चुकी है तथा मुआवजा राशि का वितरण किया जा रहा है। समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने सागर संभाग के प्रमुखों बांधों में जल स्तर की समीक्षा करते हुए कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारी सागर संभाग के प्रमुख बांधों के जल स्तर की जानकारी उन्हें प्रतिदिन मुहैया कराएं तथा संभाग के प्रमुख बांधों और तालाबों में जल भराव की स्थिति की सतत निगरानी करें। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि बांधों और तालाबों में पानी के अधिक भराव होने की स्थिति में बांधों और तालाबों से आवश्यक होने पर पानी की निकासी भी करें।
बैठक में कमिश्नर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण किए जाए। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बनाए गए खेत तालाब, खेल मैदान, उच्च गुणवत्ता के होने चाहिए। कमिश्नर ने अधीक्षण यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि वह गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्यो की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों अथवा आम नागरिकों से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता के संबंध में प्राप्त शिकायतों की अति गंभीरता से जांच करें और प्रतिवेदन कमिश्नर कार्यालय को प्रस्तुत करें। बैठक में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा अधूरे निर्माण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कमिश्नर ने विधायक निधि के कार्यों की भी जिलेवार समीक्षा की।