केतन अग्रवाल हत्याकांड में 5,053 पन्नों की चार्जशीट, Google सर्च से लोहागढ़ तक ऐसे सामने आई कथित साजिश
पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की, जिसमें मोबाइल डेटा, चैट, कॉल रिकॉर्ड और Google सर्च समेत कई डिजिटल सबूतों का जिक्र किया गया है

### केतन अग्रवाल हत्याकांड में 5,053 पन्नों की चार्जशीट, Google सर्च से लोहागढ़ तक ऐसे सामने आई कथित साजिश
**पुणे:** महाराष्ट्र के पुणे में कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने 5,053 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल की है। पुलिस के मुताबिक, जांच में मोबाइल डेटा, चैट, कॉल रिकॉर्ड, तस्वीरें, सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया गतिविधियों और गवाहों के बयान समेत कई डिजिटल और तकनीकी सबूत जुटाए गए हैं। चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या की कथित साजिश थी।
### Google और सोशल मीडिया पर की गईं कई सर्च
चार्जशीट के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए हत्या के तरीकों और पुलिस को गुमराह करने से जुड़ी जानकारी तलाश की। पुलिस के अनुसार, सिया की ऑनलाइन सर्च हिस्ट्री में सोनम रघुवंशी हत्याकांड से संबंधित सर्च भी मिली।
जांच में कथित तौर पर मशरूम से हत्या, ट्रेकिंग हादसे और लोहागढ़ जैसी जगहों से जुड़ी सर्च का भी जिक्र है। पुलिस ने इन डिजिटल रिकॉर्ड को अपनी जांच का हिस्सा बनाया है।
### लोहागढ़ किले की कथित तौर पर रेकी
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने केतन की मौत को हादसे जैसा दिखाने के लिए ऐसी जगह तलाशने की कोशिश की, जहां घटना को दुर्घटना बताया जा सके। चार्जशीट में लोहागढ़ किले की रेकी का भी उल्लेख है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपियों ने मई में लोहागढ़ समेत कुछ अन्य जगहों का जायजा लिया था। बाद में केतन को ट्रेकिंग के बहाने लोहागढ़ ले जाने की कथित योजना बनाई गई।
### 18 जून को हुई केतन की मौत
पुलिस के मुताबिक, 18 जून 2026 को केतन लोहागढ़ किले पहुंचा था। चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि चट्टान के पास सिया और चेतन ने उसे खाई की तरफ धकेला, जिसके बाद वह नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। इंडिया टुडे के अनुसार, चार्जशीट में सिया द्वारा पहले धक्का देने और चेतन द्वारा उसे नीचे गिराने का आरोप दर्ज है।
शुरुआत में इस घटना को हादसा माना गया था। हालांकि जांच के दौरान पुलिस को ऐसे डिजिटल और अन्य सबूत मिले, जिनके आधार पर मामले को हत्या के रूप में आगे बढ़ाया गया।
### फर्जी Instagram अकाउंट का इस्तेमाल
चार्जशीट में एक फर्जी Instagram अकाउंट का भी जिक्र है। पुलिस के मुताबिक, ‘माही’ नाम से बनाए गए इस अकाउंट का इस्तेमाल केतन को लोहागढ़ लाने के लिए किया गया था। जांच के अनुसार, इस अकाउंट को सिया और चेतन दोनों इस्तेमाल करते थे। कथित तौर पर केतन को सिया का जन्मदिन मनाने के बहाने लोहागढ़ आने के लिए तैयार किया गया।
पुलिस ने डिजिटल सबूतों में मोबाइल फोन से मिले संदेश, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया से जुड़ी जानकारी को भी शामिल किया है।
### पर्यटकों की तस्वीरों में भी दिखे तीनों
इस मामले में पुलिस को कुछ ऐसे फोटो भी मिले हैं, जिन्हें लोहागढ़ घूमने आए पर्यटकों ने खींचा था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इन तस्वीरों की पृष्ठभूमि में केतन, सिया और चेतन तीनों दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि ये तस्वीरें चेतन की घटनास्थल पर मौजूदगी से संबंधित अन्य सबूतों को corroborate करती हैं।
पुलिस ने एक बेंगलुरु निवासी गवाह का बयान भी दर्ज किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस व्यक्ति से कथित तौर पर उन जगहों के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई थी, जहां केतन को नुकसान पहुंचाया जा सकता था। पुलिस के अनुसार, इस व्यक्ति ने ऐसा कुछ करने से मना किया था और बाद में उसे गवाह बनाया गया।
### तीन लोगों को बनाया गया आरोपी
पुणे ग्रामीण पुलिस ने इस मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे को आरोपी बनाया है। पुलिस के अनुसार, रितेश पर कथित साजिश में भूमिका निभाने का आरोप है। चार्जशीट में हत्या, आपराधिक साजिश और आईटी कानून से संबंधित धाराओं के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं।
जांच में दो अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आई है, जिन्हें कथित तौर पर साजिश की जानकारी थी लेकिन उन्होंने आरोपियों को ऐसा करने से रोकने की कोशिश की थी। इन दोनों को आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया गया है।
### टैटू का भी चार्जशीट में जिक्र
मामले की जांच के दौरान केतन और सिया के रिश्ते से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, केतन ने अपनी पीठ पर सिया के नाम का टैटू बनवाया था। इस टैटू से संबंधित वीडियो भी जांच का हिस्सा बताया गया है।
अब 5,053 पन्नों की चार्जशीट में शामिल डिजिटल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान, तस्वीरें और अन्य तकनीकी सबूत अदालत में मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। चार्जशीट में दर्ज आरोप पुलिस का पक्ष हैं और इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा।
