दिल्ली के भागीरथ पैलेस से जुड़े नकली रेबीज इंजेक्शन के तार कानपुर पहुंचे, 592 वैक्सीन बरामद
कानपुर में ड्रग विभाग की छापेमारी में न्यू आरजे फर्म से 592 नकली रेबीज वैक्सीन बरामद हुईं, जिनके बैच और सैंपल नंबर दिल्ली के भागीरथ पैलेस में पकड़ी गई नकली वैक्सीन से मिले

### दिल्ली के भागीरथ पैलेस से जुड़े नकली रेबीज इंजेक्शन के तार कानपुर पहुंचे, 592 वैक्सीन बरामद
**कानपुर:** दिल्ली के चांदनी चौक स्थित भागीरथ पैलेस में पकड़ी गई नकली रेबीज वैक्सीन की जांच के तार अब कानपुर से जुड़ गए हैं। कानपुर में ड्रग विभाग की कार्रवाई के दौरान न्यू आरजे एजेंसीज से 592 संदिग्ध रेबीज वैक्सीन बरामद हुई हैं। जांच में इन वैक्सीन के बैच और सैंपल नंबर दिल्ली में पकड़ी गई नकली खेप से मेल खाने की बात सामने आई है। संबंधित निर्माता ने इस बैच को नकली घोषित किया है।
### दो मेडिकल फर्म जांच के घेरे में
ड्रग विभाग की जांच के बाद कानपुर की दो मेडिकल फर्मों—**न्यू आरजे एजेंसीज** और **एलेक्सर क्योर**—से जुड़े लोगों के खिलाफ कलेक्टरगंज थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों फर्मों के गोदामों को सील कर स्टॉक को कब्जे में लिया है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में नकली एंटी-रेबीज वैक्सीन मिलने के बाद सप्लाई चेन को खंगाला गया। इसी दौरान कानपुर के बिरहाना रोड स्थित न्यू आरजे एजेंसीज का नाम सामने आया। दिल्ली में जब्त वैक्सीन के बैच की जानकारी के आधार पर कानपुर में जांच की गई।
### 592 वायल मिलने के बाद बढ़ी जांच
ड्रग विभाग के अधिकारियों को न्यू आरजे एजेंसीज में 592 वायल मिलीं। इनमें से कुछ वायल को जांच और नमूने के लिए सुरक्षित रखा गया, जबकि बाकी स्टॉक को सीज कर दिया गया। निर्माता कंपनी ह्यूमन बायोलॉजिकल्स की ओर से संबंधित बैच को नकली बताए जाने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
जांच के दौरान न्यू आरजे एजेंसीज की ओर से कुछ ऐसे बिल भी दिखाए गए, जिनके आधार पर वैक्सीन की खरीद एलेक्सर क्योर से होने की बात कही गई। हालांकि, एलेक्सर क्योर के संचालक ने इन बिलों को अपनी फर्म द्वारा जारी किए जाने से इनकार किया। अधिकारियों ने दस्तावेजों और मोबाइल चैट की भी जांच की है।
### WhatsApp चैट से सामने आया कनेक्शन
जांच में WhatsApp चैट भी अहम सबूत के तौर पर सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक, न्यू आरजे एजेंसीज के संचालक की ओर से दिखाई गई चैट में कथित तौर पर एलेक्सर क्योर से संबंधित बिल भेजे जाने की जानकारी मिली। इसके बाद संबंधित मोबाइल नंबर की भी जांच की गई।
ड्रग विभाग अब दोनों फर्मों के पुराने खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, बिल, बैंक लेनदेन और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की जांच कर रहा है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि संदिग्ध वैक्सीन की सप्लाई कहां-कहां तक हुई और कुल कितनी खेप बाजार में पहुंची।
### आगरा समेत कई शहरों तक पहुंचने की आशंका
जांच में सामने आया है कि संबंधित फर्मों के रिकॉर्ड में दिल्ली के अलावा आगरा और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की सप्लाई का विवरण भी मिला है। आगरा की एक मेडिकल एजेंसी के नाम से 1,000 एंटी-रेबीज वैक्सीन के बिल जारी किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।
एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, आगरा की एक फर्म ने संदिग्ध वैक्सीन की 839 वायल वापस भी की थीं। ड्रग विभाग अब इन वायल और पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटा है।
### तीन लोगों के खिलाफ FIR
ड्रग इंस्पेक्टर देवयानी दुबे की शिकायत पर कलेक्टरगंज थाने में संबंधित आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक FIR में नकली या मिलावटी दवाओं, धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े प्रावधान लगाए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच का मुख्य उद्देश्य नकली वैक्सीन के स्रोत का पता लगाना और यह निर्धारित करना है कि इसकी सप्लाई कितने शहरों और मेडिकल एजेंसियों तक हुई। पुराने बिलों और वितरण रिकॉर्ड की जांच के बाद इस मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस और ड्रग विभाग नकली रेबीज वैक्सीन की पूरी सप्लाई चेन को ट्रेस करने में जुटे हैं। मामले में बरामद वैक्सीन, दस्तावेज, डिजिटल चैट और अन्य रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा बनाया गया है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।



