आज से प्रारंभ पर्यूषण पर्व, 25 दिसंबर तक शहर में बहेगी धर्म की गंगा,
आज से प्रारंभ पर्यूषण पर्व, 25 दिसंबर तक शहर में बहेगी धर्म की गंगा,


10 दिनों तक मंदिरों में पूजा अर्चना, अभिषेक, 10 लक्षण मंडल विधान की पूजा,
प्रवचन एवं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम।
खंडवा। आत्म शुद्धि और आत्म शांति का महान जैन प्रदूषण पर्व का पर्यूषण पर्व का शुभारंभ 16 दिसंबर आज से खंडवा नगर के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में प्रारंभ होने जा रहा है। आत्म शांति एवं मोक्ष पाने के लिए श्रद्धालु त्यौहारों पर जहां तप-तपस्या और उपवास कर पूजा अर्चना करते हैं वहीं जैन धर्म में पर्यूषण को महान पर्व माना गया है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि आत्म शुद्धि के पर्यूषण पर्व के दौरान इन दस दिनों में जहां प्रतिदिन खंडवा के दिगंबर जैन मंदिरों सराफा स्थित पार्श्वनाथ जैन मंदिर, बजरंग चौक स्थित महावीर जैन मंदिर, नवकार नगर मुनीसुव्रत जैन मंदिर, इंदौर रोड कहान आदिनाथ जैन मंदिर, मोधट रोड आदिनाथ जैन मंदिर, सेठी नगर चंदा प्रभु जैन मंदिर, में देव दर्शन, नित्य नियम पूजा, अभिषेक व दस लक्षण मंडल विधान की पूजा के साथ प्रवचनों में श्रद्धालु धार्मिक उल्लास के साथ भाग लेगें और अपनी क्षमता के अनुसार दो,तीन,पांच एवं दस उपवास करगें। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि जैन धर्म में जो उपवास किए जाते हैं वह निर्जला होते हैं जिसमें 24 घंटे अन्न,जल व अन्य खाद्य सामग्री का त्याग रहता है। 16 सितंबर से 25 सितंबर तक पर्यूषण पर्व के दौरान दस दिनों तक प्रतिदिन प्रात: जिनेन्द्र अभिषेक, शांतिधारा, दसलक्षण धर्म पूजन,नित्य नियम पूजन एवं दस धर्मो पर प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे । सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि सभी मंदिरों में तैयारी हो चुकी है मंदिरों को व्यवस्थित रूप से सजाया गया है एवं विद्युत व्यवस्था भी की गई है। बजरंग चौक स्थित जैन मंदिर में दस लक्ष्मण मंडल विधान का आकर्षक मांडना कमल के फूल पर प्रीति लोहाडिया, गुलीशा छाबड़ा, टीना छाबड़ा, राखी पहाड़िया, बबीता लोहाडिया, साक्षी बैनाडा राशि बढ़जात्या, संगीता पहाड़िया द्वारा बनाया गया है,
समाज के अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया ने बताया कि पर्यूषण पर्व के अवसर पर बजरंग चौक स्थित महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 10 दिनों तक धर्म की गंगा बहेगी, दस लक्षण मंडल विधान की 10 दिनों तक पूजा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सांगानेर से ब्रह्मचारिणी दीदी विदुषी, अंशिका और वारिधी पर्व के दौरान प्रवचन एवं बच्चों एवं बड़ों को जैन धर्म की शिक्षा प्रदान करेंगी।