दिशा सालियान केस की जांच संभालेंगी CBI अधिकारी सीमा पाहुजा, हाथरस-आरजी कर समेत इन मामलों का अनुभव
दिशा सालियान केस की जांच की निगरानी CBI अधिकारी सीमा पाहुजा को सौंपी गई, कई चर्चित मामलों की कर चुकी हैं जांच

**दिशा सालियान केस की जांच CBI अधिकारी सीमा पाहुजा के हाथ, हाथरस-आरजी कर समेत कई चर्चित मामलों का अनुभव**
दिशा सालियान की मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब इस जांच की जिम्मेदारी CBI की अनुभवी अधिकारी सीमा पाहुजा को सौंपी गई है। सीमा पाहुजा फिलहाल CBI मुख्यालय, दिल्ली की स्पेशल क्राइम्स यूनिट में SP के पद पर तैनात हैं।
सीमा पाहुजा के साथ डिप्टी SP पूरन कुमार और अन्य अधिकारी भी जांच टीम का हिस्सा होंगे। जांच टीम दिशा सालियान की मौत से पहले 8 जून 2020 की रात उनके मंगेतर रोहन रॉय के घर पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज करेगी। इसके अलावा मामले से जुड़े दस्तावेज, घटनास्थल, गवाहों और तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।
### बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई CBI जांच
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई में हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनके पिता सतीश सालियान ने मामले में FIR दर्ज कर नए सिरे से जांच और CBI जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। 2 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने मामले में FIR दर्ज करने और CBI जांच का आदेश दिया।
इसके बाद CBI ने दिशा के पिता का विस्तृत बयान दर्ज किया और FIR दर्ज कर जांच के लिए विशेष टीम गठित की। एजेंसी अब मामले में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।
### कौन हैं CBI अधिकारी सीमा पाहुजा?
सीमा पाहुजा को संवेदनशील और जटिल आपराधिक मामलों की जांच का अनुभव है। वह पहले चंडीगढ़ में CBI में ASP के पद पर तैनात रह चुकी हैं और वर्तमान में दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय में स्पेशल क्राइम्स यूनिट में SP हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें 2021 में ‘बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर’ का गोल्ड मेडल भी मिला था।
### हाथरस, उन्नाव और आरजी कर केस में रही भूमिका
सीमा पाहुजा इससे पहले कई चर्चित मामलों की जांच टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। इनमें 2020 का हाथरस मामला, 2024 का कोलकाता आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मामला, उन्नाव केस और हिमाचल प्रदेश का कोटखाई ‘गुड़िया केस’ शामिल हैं।
कोटखाई मामले की जांच के दौरान आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है। इन मामलों के अनुभव के बाद अब उन्हें दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है।
### दस्तावेज और गवाहों की होगी जांच
CBI की टीम शुरुआती जांच में मामले से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही उन पुलिस अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं, जिन्होंने पहले मामले की जांच की थी। घटनास्थल और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच के अलावा महत्वपूर्ण गवाहों से भी पूछताछ की जाएगी।
दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। CBI की मौजूदा जा



