37वें मेटालिफेरस माइंस सेफ्टी वीक 2025 का भव्य समापन, खनन सुरक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों और प्रतिभागियों का हुआ सम्मान*
*37वें मेटालिफेरस माइंस सेफ्टी वीक 2025 का भव्य समापन, खनन सुरक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली इकाइयों और प्रतिभागियों का हुआ सम्मान*
*सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने का दिया संदेश, महिला सशक्तिकरण, नए खान सुरक्षा कानून और आधुनिक तकनीक पर विशेषज्ञों ने रखा विशेष जोर*
विशेष संवाददाता – श्री निवास मिश्रा
जबलपुर।
खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने, दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित 37वें मेटालिफेरस माइंस सेफ्टी वीक 2025 का भव्य समापन शनिवार को जबलपुर स्थित होटल पसरीचा बैंक्वेट्स एंड लॉन्स में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में देशभर के खनन विशेषज्ञों, उद्योग प्रतिनिधियों, विभिन्न खदानों के अधिकारियों, अभियंताओं एवं कर्मचारियों ने सहभागिता करते हुए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण एवं सुरक्षा शपथ के साथ हुआ। इसके पश्चात खनन सुरक्षा से संबंधित प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया गया, जहां विभिन्न संस्थानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक सुरक्षा तकनीकों, उपकरणों एवं कार्यप्रणालियों का प्रदर्शन किया गया। बाद में दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ मुख्य समारोह प्रारंभ हुआ।
मुख्य अतिथि डीजीएमएस, धनबाद के महानिदेशक श्री उज्ज्वल तह ने अपने संबोधन में कहा कि खनन उद्योग में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का जीवन अमूल्य है और सुरक्षा मानकों का पालन केवल नियमों का अनुपालन नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग होना चाहिए। उन्होंने दुर्घटना-मुक्त कार्यस्थल के निर्माण के लिए नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी नवाचार तथा अनुशासित कार्यप्रणाली को आवश्यक बताया।
उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि नए खान सुरक्षा कानूनों के अनुरूप खनन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने पुराने प्रावधानों में सुधार तथा आधुनिक कार्य परिवेश के अनुरूप किए जा रहे बदलावों का स्वागत किया और निदेशक डीजीएमएस जबलपुर सहित पूरी आयोजन टीम की सराहना की।
विशिष्ट अतिथि डीजीएमएस (नॉर्दर्न ज़ोन) के उप महानिदेशक श्री नीरज कुमार ने कहा कि सुरक्षा के प्रति निरंतर जागरूकता, नियमित निरीक्षण और मानकों का कड़ाई से पालन ही खदानों में जोखिम कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागी इकाइयों के उत्कृष्ट प्रयासों की प्रशंसा करते हुए सुरक्षा के क्षेत्र में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को उद्योग के लिए प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम में एसीसी लिमिटेड (अडानी सीमेंट) के माइनिंग एवं रॉ मैटेरियल मैन्युफैक्चरिंग के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट श्री भानु प्रकाश भटनागर ने कहा कि आधुनिक खनन व्यवस्था में उत्पादन और सुरक्षा दोनों का संतुलन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उद्योग और नियामक संस्थाओं के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह के दौरान खनन सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विभिन्न खदानों, टीमों एवं प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुरक्षा कैलेंडर एवं स्मारिका का विमोचन भी किया गया। विशेषज्ञों ने सुरक्षा प्रबंधन, जोखिम नियंत्रण, आपदा तैयारी, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा नवीन तकनीकों के उपयोग पर अपने अनुभव साझा किए।
आयोजन के संयोजक एवं डीजीएमएस जबलपुर क्षेत्र के निदेशक (माइंस सेफ्टी) श्री मनीष सी. जायसवाल ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि माइंस सेफ्टी वीक का उद्देश्य केवल पुरस्कार वितरण नहीं, बल्कि पूरे खनन उद्योग में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर तक लाना है। उन्होंने क्षेत्र की सभी औद्योगिक एवं गैर औद्योगिक खदानों के मालिकों, एजेंटों, सक्षम अधिकारियों तथा कामगारों से नए श्रम कानूनों का गंभीरता से अध्ययन करने और उन्हें व्यवहार में लागू करने का आग्रह किया।
उन्होंने कार्यक्रम में जोन के कुछ खनिज स्वामियों एवं कर्मचारियों की अपेक्षाकृत कम उपस्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए भविष्य में सभी संबंधित पक्षों से सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि सुरक्षा संबंधी संदेश व्यापक स्तर तक पहुंच सके।
इस वर्ष के समापन समारोह की मेजबानी एसीसी लिमिटेड, कैमोर सीमेंट वर्क्स (अडानी सीमेंट) द्वारा की गई। आयोजन सचिव एवं हेड माइंस श्री ब्रजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह में आकर्षण जोड़ा और उपस्थित अतिथियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आधुनिक तकनीक, सतत प्रशिक्षण, सतर्क निगरानी और सुरक्षा मानकों का कठोर अनुपालन ही सुरक्षित खनन की आधारशिला है। ऐसे आयोजन न केवल विभिन्न खदानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की संस्कृति भी विकसित करते हैं।
समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन, तथा राष्ट्रगान के साथ हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से आए अधिकारियों, विशेषज्ञों और कर्मचारियों की उल्लेखनीय भागीदारी ने इस आयोजन को खनन उद्योग के महत्वपूर्ण और प्रभावशाली आयोजनों में शामिल कर दिया।