पवई नगर की जल आवर्धन योजना में घोटाला करोड़ों खर्च के बाद नगर वासी बूंद बूंद पानी के लिए मोहताज नहीं मिल पा रहा एक-एक बूंद पानी*

रिपोर्टर- Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट
मुख्यमंत्री की जल आवर्धन योजना मैं भ्रष्टाचार देखने को मिल रहा मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक योजना जल आवर्धन भी शामिल है जो स्थानीय मुख्यालय पन्ना जिले की तहसील पवई में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है यदि यह कहना शायद गलत न होगा विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से शासन की यह महत्वपूर्ण योजना पवई मुख्यालय नगर परिषद में फेल नजर आ रही है इस योजना के तहत हर घर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था मुख्यमंत्री के प्रयासों से संचालित हो रही है इस योजना में करोड़ों रुपए पानी के लिए पानी की तरह बहाया गया है नगर के क्षेत्रों में वाटर सप्लाई के लिए जल आवर्धन का कार्य काफी समय से चल रहा है लेकिन अब तक योजना पूरी नहीं हो सकी योजना के तहत होने वाले कुछ कार्य अभी आधे अधूरे पड़े हुए हैं जिस के कारण करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी नगर वासियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है योजना को पूरा होने और कितना समय लगेगा यह बताना मुश्किल है जिसके चलते नगर वासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है संबंधित विभाग ने दावा किया था कि गर्मी के पहले योजना शुरू हो जाएगी लेकिन गर्मी का आधा मौसम बीत जाने के बाद भी योजना के तहत पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकीं पेयजल सप्लाई के लिए वर्ष 2013 के लगभग 20 से 22 करोड़ रुपए के करीब की राशि से जल आवर्धन योजना की प्रशासनिक की स्वीकृत मिली थी जिसके बाद कार्य शुरू होने के प्रारंभ से 10 से 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका योजना के तहत पवित्र पतने नदी के तट पर इंटकवेल का निर्माण किया गया है एवं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट चादहा हार नदी किनारे लगाया गया है इससे पानी नगर के अलग-अलग हिस्सों में बनाई गई लगभग चार टंकियों तक पाइप लाइन के माध्यम से पहुंचेगा और टंकियां से पाइपलाइन के माध्यम से पूरे नगर के एक वार्ड से लेकर 15 वार्डों में सप्लाई किया जाना था जल आवर्धन योजना का कार्य का पीआईयू विभाग की लेट लतीफी लापरवाही उदासीनता एवं ठेकेदार की लापरवाही के चलते अब तक कार्य पूर्ण नहीं हो सका नगर के कई वार्ड ऐसे हैं जहां गर्मी शुरू होते ही पेयजल की किल्लत की समस्या विकराल हो गई है अगर नगर में देखा जाए 15 वार्डों में लगभग 7 से 8 वार्ड ऐसे हैं जहां पर ना तो हेड पंप का कोई सहारा है ना ही कहीं से कोई पानी की व्यवस्था जनता जनार्दन नगर परिषद की जो सप्लाई चलती है उसी पानी के भरोसे रहते हैं कंपनी द्वारा कहा गया था की जल आवर्धन योजना
गर्मी के पहले पूर्ण होने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन पतने नदी में पानी नहीं होने के कारण सप्लाई बंद पड़ी हुई है जिसके चलते अब नगर पालिका को गर्मी के दिनों में पुरानी पाइपलाइन एवं टैंकरों के माध्यम से वार्डों में पेयजल सप्लाई करना पड़ रहा है नगर के कई वार्ड एवं अन्य वार्डो में टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई किया जा रहा है और इन वार्डो में पानी की किल्लत गर्मी के दिनों में और भी अधिक बढ़ जाती है हालांकि जल आवर्धन योजना के तहत पतने नदी के पानी को शुद्ध कर हर घरों तक पहुंचाने के उद्देश्य जलावर्धन योजना के उद्देश्य से जल आवर्धन योजना की शुरुआत की गई थी लेकिन 10 से 12 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह कार्य पूर्ण नहीं हो सका अभी भी नगर के कुछ वार्डो में जहां तहां पाइपलाइन डालना बाकी है और जिन वार्डों में कंपनी ने अपना कार्य किया भी है तो आधा अधूरा पड़ा दिख रहा है मुख्यमंत्री योजना के तहत स्थानीय मुख्यालय पवई में जलावर्धन योजना के द्वारा पूरे नगर में पानी सप्लाई किया जाना था लेकिन वर्ष 2013 के लगभग स्वीकृत हुई थी इस योजना के तहत 20 से 22 करोड़ रुपए की यह योजना पूर्ण की जानी थी लेकिन प्रारंभ से इस योजना के लिए करोड़ों रुपए की स्वीकृति मिली थी लेकिन सूत्रों के अनुसार लागत बढ़ जाने के कारण ऐसे रिवाइज भी किया गया है नगरी निकाय प्रशासन सीएमओ तबस्सुम खान के द्वारा चार से पांच नोटिस दिए जाने के बाद भी ठेकेदार पर नोटिस का कोई असर नहीं पड़ा नोटिस में रोड वेस्ट,पाइप लाइन कंप्लीट,नदी इंटेकवेल समस्या एवं पानी में गुणवत्ता को लेकर दिया गया था लेकिन कंपनी द्वारा आज भी नगर में जल आवर्धन योजना अधूरी मझधार में लटकी हुई है सोचने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी राशि का बंदर बाट कर दिया गया आखिर यह सब किस इशारे में और कैसे हो रहा