ज़िद चाहिए कुछ करने की, वरना उम्मीद तो सब करते हैं : जस्टिस दुबे

बाल शिक्षा निकेतन में विधिक साक्षरता शिविर संपन्न
भगवान दास मिश्रा
कोतमा।
तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण कोतमा के तत्वावधान में बाल शिक्षा निकेतन, कोतमा कॉलरी में बुधवार को एक विशेष विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को विधिक अधिकारों, संवैधानिक संरक्षण एवं आत्मविकास के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा तहसील विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष श्री गंगा चरण दुबे उपस्थित रहे। साथ ही प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विक्रम सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी भगवान दास मिश्रा, नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष एवं विद्यालय शिक्षा समिति के अध्यक्ष राम अवध सिंह, सहसचिव लाल बहादुर सिंह, राजेश शर्मा, प्रभास सिंह ,दिनेश कुमार मिश्रा तथा विद्यालय के प्राचार्य अनिल श्रीवास्तव शिक्षक चंद्रमा राम जी ,आर के दुबे, गंगाराम दुबे आर के पाण्डेय ,
प्रतिमा मिश्रा
कुमारी निधि सिंह सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ और सैकड़ों छात्र-छात्राएँ कार्यक्रम में शामिल हुए
शिविर के प्रारंभ में पीएलवी भगवान दास मिश्रा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इन्हें न्याय, सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान देना समाज तथा राज्य दोनों की जिम्मेदारी है। विधिक सेवाएं और संरक्षण इस बात की गारंटी देती हैं कि कोई भी बच्चा हिंसा, शोषण या भेदभाव का शिकार न हो और उसका जीवन सुरक्षित एवं उज्ज्वल बने।
इसके पश्चात प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विक्रम सिंह ने बच्चों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की संरचना, उद्देश्यों और भूमिकाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालक का संवैधानिक अधिकार है कि उसे शिक्षा, सुरक्षा और न्याय मिले — और यदि कोई भी बच्चा किसी अन्याय का शिकार होता है, तो विधिक सेवा प्राधिकरण उसके संरक्षण के लिए सदैव तत्पर है।
प्रेरणादायक उद्बोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री गंगा चरण दुबे ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध मंत्र “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए “ज़िद” जरूरी है, क्योंकि “ज़िद चाहिए कुछ करने की, वरना उम्मीद तो सब करते हैं।”उन्होंने बच्चों को अपने जीवन में “5P सूत्र” अपनाने का संदेश दिया
Positive Thinking, Patience, Planning, Practice और Performance।
उन्होंने कहा कि यदि ये पाँच गुण जीवन में उतार लिए जाएँ, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं रहता।
जस्टिस दुबे ने छात्रों से कहा कि वे विधिक ज्ञान के साथ-साथ जीवन के नैतिक मूल्यों को भी अपनाएँ, क्योंकि न्याय केवल अदालतों में नहीं, बल्कि विचारों और व्यवहार में भी निहित होता है।
विद्यालय परिवार का गौरव
कार्यक्रम के समापन अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री राम अवध सिंह ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सबका मार्गदर्शन इस विद्यालय के लिए प्रेरणादायी रहेगा।
उन्होंने विद्यालय के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए बताया कि इस विद्यालय के एक पूर्व छात्र, राकेश यादव वायु सेना में ग्रुप कैप्टन जिन्होंने “ऑपरेशन सिंदूर” में उल्लेखनीय भूमिका निभाई थी, उन्हें राष्ट्रपति द्वारा वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जो इस विद्यालय के लिए गर्व की बात है।
अंत में, विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा बच्चों ने न्यायिक अधिकारियों के मार्गदर्शन को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।