दिल्ली

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, 2 दिनों में 1100 PG का सर्वे और 24 संपत्तियों पर कार्रवाई

सत्य निकेतन में 6 सितंबर को इमारत हादसे के बाद MCD ने दिल्लीभर में PG आवासों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। दो दिनों में करीब 1,100 PG का सर्वे किया गया और 24 संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।

# सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, 2 दिनों में 1100 PG का सर्वे और 24 संपत्तियों पर कार्रवाई

**नई दिल्ली:** दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) एक्शन मोड में आ गया है। हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर जांच और कार्रवाई तेज कर दी गई है। MCD ने हादसे में ढही इमारत के बिल्कुल सटी हुई एक इमारत को भी असुरक्षित और खतरनाक घोषित कर उसे गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।

निगम के अधिकारियों के मुताबिक, हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

## सटी हुई इमारत को किया गया खाली

MCD के मुताबिक, हादसे के बाद ढही इमारत के पास मौजूद एक इमारत को असुरक्षित घोषित किया गया था। निगम के एक अधिकारी ने बताया कि सटी हुई इमारत को गिराने का काम शुरू कर दिया गया है।

इस इमारत में लड़कियों का PG संचालित हो रहा था। हादसे के तुरंत बाद इसे खाली करा लिया गया था, ताकि वहां रहने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

MCD ने मकान नंबर 13 के मालिक और वहां रहने वाले लोगों को भी इमारत खाली करने के निर्देश दिए थे।

## दो दिनों में 1,100 PG का सर्वे

सत्य निकेतन की घटना के बाद MCD ने पूरी दिल्ली में PG आवासों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। निगम की टीमों ने महज दो दिनों में करीब **1,100 PG का सर्वे** किया।

जांच के दौरान नियमों और सुरक्षा मानकों को लेकर कई संपत्तियों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर जहां जरूरी समझा गया, वहां कार्रवाई भी की गई।

अब तक **24 संपत्तियों पर कार्रवाई** की जा चुकी है। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे भवनों की पहचान करना है, जिनमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा हो सकता है।

## इन इलाकों में हुई कार्रवाई

MCD का यह अभियान दिल्ली के कई प्रमुख स्टूडेंट हब में चलाया गया। इनमें **लक्ष्मी नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, करोल बाग, चांदनी चौक और नेहरू विहार** जैसे इलाके शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी की तैयारी करने वाले युवा PG में रहते हैं। ऐसे में इमारतों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर MCD की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

## पांचवीं मंजिल वाले भवनों का भी होगा सर्वे

MCD अब उन मौजूदा इमारतों पर भी नजर रख रहा है, जिनमें पहले से पांचवीं मंजिल बनी हुई है।

निगम के मुताबिक, ऐसी इमारतों का सर्वे किया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

इसका मकसद यह पता लगाना है कि अतिरिक्त मंजिलों के कारण इमारत की सुरक्षा पर कोई असर तो नहीं पड़ रहा और भवन निर्धारित नियमों के अनुरूप है या नहीं।

## PG आवासों की सुरक्षा पर फोकस

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। बड़ी संख्या में छात्र ऐसे भवनों में रहते हैं, जहां कम जगह में अधिक लोगों के रहने की व्यवस्था होती है।

ऐसे में भवन की संरचनात्मक मजबूती, निकासी के रास्ते और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

MCD की ओर से चलाए जा रहे सर्वे और कार्रवाई के जरिए ऐसे भवनों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जहां नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा से जुड़ी समस्या सामने आ सकती है।

## हादसे के बाद बढ़ी निगरानी

सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद MCD ने दिल्लीभर में भवनों और PG आवासों की निगरानी बढ़ा दी है। आसपास की असुरक्षित इमारतों को खाली कराने और जरूरत पड़ने पर उन्हें गिराने की कार्रवाई की जा रही है।

आने वाले दिनों में सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर और संपत्तियों पर कार्रवाई होने की संभावना है। खासतौर पर उन इलाकों पर ध्यान दिया जा रहा है जहां बड़ी संख्या में छात्र PG में रहते हैं।

सत्य निकेतन की घटना के बाद MCD का यह अभियान दिल्ली में PG और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम माना जा रहा है।

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