चीन ने फिलीपींस के रक्षा मंत्री को दी चेतावनी? सियोल फोरम में पर्ची से मचा हड़कंप
दक्षिण चीन सागर विवाद को लेकर सियोल डिफेंस डायलॉग में चीन और फिलीपींस आमने-सामने दिखे। फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्ट टियोडोरो ने भाषण के दौरान एक कथित चीनी संदेश पढ़कर चीन पर दबाव और 'दादागीरी' का आरोप लगाया।

# दक्षिण चीन सागर विवाद पर चीन-फिलीपींस में टकराव, सियोल फोरम में पर्ची से मचा बवाल
दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच तनाव अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी खुलकर सामने आने लगा है। मंगलवार को दक्षिण कोरिया में आयोजित **सियोल डिफेंस डायलॉग** के दौरान ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने दोनों देशों के बीच जारी विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया।
फिलीपींस के रक्षा मंत्री **गिल्बर्ट टियोडोरो** अपने भाषण के दौरान अचानक रुके और एक कागज उठाया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि यह संदेश चीन की ओर से आया है। इसके बाद उन्होंने मंच पर मौजूद दर्शकों से पूछा कि क्या वह उस पर्ची को पढ़ सकते हैं।
## भाषण के बीच टियोडोरो को मिली पर्ची
टियोडोरो दक्षिण चीन सागर और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रख रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक पर्ची मिली। उन्होंने उसे उठाकर दर्शकों को दिखाया और कहा कि उन्हें आशंका है कि यह चीन की तरफ से भेजी गई है।
इसके बाद उन्होंने पर्ची में लिखी बातों को सार्वजनिक रूप से पढ़ा। इस घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान दक्षिण चीन सागर विवाद और चीन-फिलीपींस संबंधों की ओर फिर से चला गया।
## चीन ने मध्यस्थता के फैसले को नहीं माना
पर्ची में दक्षिण चीन सागर को लेकर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के फैसले पर चीन के रुख का उल्लेख किया गया था। इसमें कहा गया था कि इस मामले में चीन की स्थिति स्पष्ट है और वह संबंधित मध्यस्थता प्रक्रिया के फैसले को स्वीकार नहीं करता।
दक्षिण चीन सागर पर चीन और फिलीपींस के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा है। दोनों देश समुद्री क्षेत्र और वहां मौजूद संसाधनों पर अपने-अपने दावे करते रहे हैं। इस विवाद में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का मुद्दा भी लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है।
चीन ने पहले भी दक्षिण चीन सागर से संबंधित मध्यस्थता के फैसले को खारिज किया है। वहीं फिलीपींस लगातार इस फैसले को अपने समुद्री अधिकारों के समर्थन में महत्वपूर्ण मानता रहा है।
## टियोडोरो ने चीन पर लगाया ‘दादागीरी’ का आरोप
पर्ची पढ़ने के बाद फिलीपींस के रक्षा मंत्री ने चीन के व्यवहार पर सवाल उठाया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का संदेश भेजे जाने को लेकर नाराजगी जाहिर की और चीन पर दबाव बनाने तथा ‘दादागीरी’ करने जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया।
टियोडोरो का रुख इस बात को दर्शाता है कि दक्षिण चीन सागर को लेकर मनीला और बीजिंग के बीच मतभेद कितने गंभीर हैं। दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र को लेकर कई मौकों पर आमना-सामना भी हो चुका है।
## दक्षिण चीन सागर क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
दक्षिण चीन सागर एशिया का बेहद महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्र है। यहां से बड़ी मात्रा में अंतरराष्ट्रीय व्यापार गुजरता है। इसके अलावा समुद्री संसाधनों और संभावित तेल-गैस भंडार के कारण भी यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है।
चीन दक्षिण चीन सागर के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि फिलीपींस समेत कई अन्य देश समुद्री क्षेत्रों पर अपने अधिकार का दावा करते हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र में होने वाली हर गतिविधि का असर केवल दो देशों के संबंधों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ता है।
## अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ रही तल्खी
सियोल में हुई यह घटना बताती है कि चीन और फिलीपींस के बीच दक्षिण चीन सागर को लेकर विवाद अब केवल द्विपक्षीय मुद्दा नहीं रह गया है। अंतरराष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा मंचों पर भी दोनों देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।
फिलीपींस लगातार क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री अधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कोशिश करता रहा है। दूसरी ओर चीन अपने क्षेत्रीय दावों को लेकर अपने रुख पर कायम है।
ऐसे में सियोल डिफेंस डायलॉग में टियोडोरो द्वारा कथित चीनी संदेश को सार्वजनिक रूप से पढ़ना दोनों देशों के बीच जारी तनाव की गंभीरता को दिखाता है। आने वाले समय में दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन और फिलीपींस के बीच कूटनीतिक और रणनीतिक टकराव और बढ़ सकता है।



