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गायमाता तो हमारे जीवन का अद्भुत एवं निराला तत्त्व है*-


सुसनेर/25 जून, मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं विश्व के लोक प्रसिद्ध गो सेवा संस्थान श्रीगोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक एवं संरक्षक परम श्रद्धेय गोऋषि पूज्य स्वामी दत्ताशरणानंद जी महाराज के पावन सानिध्य में संचालित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य सालरिया में आषाढी अमावस्या तदनानुसार 25 जून 2025,बुधवार को पूज्य स्वामी गोपालानंद जी सरस्वती जी महाराज एवं गो अभयारण्य के प्रबन्ध न्यासी डॉक्टर विक्रम सिंह जी ने भगवती गोमाता , कल्पगुरु भगवान दत्तात्रेय एवं भगवती करणी माता की पूजन आरती करके मासिक सत्संग का शुभारंभ हुआ ।
गो महिमा कथा में ग्वाल सन्त पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने बताया कि गायमाता सृष्टि का मूल आधार और अमावस्या प्रकृति का विशेष दिन है और भारतीय काल गणना में अमावस्या ऐसी तिथि है , जिसमें समुद्र भी अपना रूप एवं आकार बदलता है ऐसे अमावस्या के पावन पर्व पर सात हजार गौमाताओं के मध्य गोमाता की महिमा एवं सत्संग सुनना एवं सुनना दोनों ही पुण्यकारी कार्य है और जहां गायमाता सुखी एवं आनंदित रहकर हमें जो सुख देती है वैसा सुख और कही नहीं मिल सकता है क्योंकि गायमाता के मां शब्द में इतनी अद्भुत शक्ति है ,वह जहां खड़ी होकर मां बोलती है, वहां की सारी दरिद्रता एवं कष्ट दूर हो जाते है और वहां लक्ष्मी का वास होता है अर्थात गायमाता तो हमारे जीवन का अद्भुत एवं निराला तत्त्व है और जिसने गोमाता को अपनी मां समझकर कर्तव्य भाव से मां मानकर सेवा से सेवा की तो उसका श्रेष्ठ फल मिलता है यानि उस सेवा से मनुष्य को बैकुंठ की प्राप्ति होती है ।
स्वामीजी ने आगे बताया कि गाय माता हमें सबसे बड़ी शक्ति देती है वह शक्ति है पराक्रम की अर्थात गायमाता पराक्रम की दाता है और पराक्रम का वास्तविक अर्थ सात्विक शक्ति से है क्योंकि सात्विक शक्ति का सबसे बड़ा खजाना गायमाता ही है जो हमारे असली दुश्मन अहंकार,क्रोध,मोह ममता को खत्म करने के लिए हमें सात्विक ऊर्जा हमें सात्विक आहार के माध्यम से देती है क्योंकि जब तक हमारा भोजन शुद्ध नहीं होगा तब तक हमारे मन का जहर खत्म नहीं होगा और गायमाता की आंख, सिंग,पूछ ,स्पर्श एवं जुगाली से हमें सात्विक पराक्रम मिलता है इसलिए हम सभी को गायमाता की सेवा में जुटना होगा और अमावस्या के पुण्य पर्व पर हम व्यसन मुक्त होकर अपने घर पर एक एक गोमाता की सेवा अवश्य करें ।
पूज्य स्वामी गोपालानंद जी महाराज ने सभी गोभक्तो को सूचित करते हुए बताया कि आगामी 10 जुलाई से 06 सितंबर 2025 अभिनव ब्रज मंडल श्री मनोरमा गोलोक तीर्थ नंदगांव (सिरोही) में गो गोवर्धन कृपा चातुर्मास आराधना महोत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया ।
कार्यक्रम के भोजन प्रसादी के आयोजक मैनपुर निवासी सरस्वती शिशु मंदिर ननोरा के प्रधानाचार्य रोडू सिंह तंवर का गो अभयारण्य के प्रबन्ध न्यासी डॉक्टर विक्रम सिंह परिवार ने उपरना ओढ़ाकर एवं गोमाता की छवि देकर बहुमान किया और सरस्वती शिशु मंदिर ननोरा के स्टाफ ने गोमाता की छवि एवं बडौद तहसील के टोंकड़ा ग्राम के युवाओं की और से राधा कृष्ण की छवि स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज को भेंट कर आशीर्वाद लिया ।
गो अभयारण्य के प्रबंधक शिवराज शर्मा ने मध्यप्रदेश के गो सेवक मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन जी यादव एवं मध्यप्रदेश के गोपालन मंत्री लखन जी पटेल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री आवास पर हुए प्रदेश के गो पालक सम्मेलन में विश्व के प्रथम गो अभयारण्य को आचार्य श्री विद्यासागर जीव दया(गोसेवा) के प्रथम पुरस्कार से सम्मानित करने पर माननीय मुख्यमंत्री जी एवं मध्यप्रदेश शासन का आभार जताया साथ ही कामधेनु गुरुकुलम एवं सूर्या फाउंडेशन नई दिल्ली के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर के सफल आयोजन के लिए सूर्या गाउंडेशन के संस्थापक जेपी सर एवं पूरी सूर्या टीम का आभार जताया और अंत में सभी गोभक्तों ने गोव्रती महा प्रसादी ग्रहण की ,

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