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क्षेत्र के विधायक एवं मंत्री विजय शाह के समर्थन में बड़ी संख्या में सर्व आदिवासी समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सोपा ज्ञापन l

ज्ञापन में सभी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री से मंत्री श्री शाह को माफ करने का किया निवेदन,

खंडवा ।। हरसूद विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक एवं प्रदेश शासन में जनजातिय कल्याण मंत्री विजय शाह के समर्थन में मंगलवार को सैकड़ो की संख्या में सर्व आदिवासी समाज के बंधुओ ने जिला मुख्यालय खंडवा पहुंचकर मंत्री शाह के समर्थन में देश के महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, प्रदेश के राज्यपाल महोदय एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सोंपा। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग कलेक्टर कार्यालय पर एकत्रित हुए। आदिवासी सरपंच प्रवीण कासडे ने इस अवसर पर कहा कि हमारे लोकप्रिय विधायक विजय शाह जो लगातार आठ बार जीत कर विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, और हम सभी के दिलों में राज कर रहे हैं, हमारे दिलों में बसे हैं हर गरीब के दुख सुख में सदैव शामिल रहते हैं, क्षेत्र के घर से मंत्री श्री शाह परिचित है चित्र के विकास के साथी और योजना का लाभ आदिवासियों को दिलाने में उसका सदेव सहयोग रहता है, बोलने में भाषा की त्रुटि के कारण उनसे गलत शब्द निकल गए जिसके लिए उन्होंने पूरे देश से माफी भी मांग ली है, हम आदिवासियों के लिए वे पिता समान है,हमारा सभी से निवेदन है कि मंत्री विजय शाह को माफ कर दिया जाए। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि उपस्थित सभी लोगों ने एडीएम श्री बडोले जी को ज्ञापन सोंपा ज्ञापन में कहां गया कि आप सभी को सर्वविदित है कि यह आदिवासी पहचान और भेदभाव का मुद्दा भी है, यह दिखाना ज़रूरी है कि माननीय मंत्री कुंवर विजय शाह जी एक आदिवासी नेता हैं। यह है कि समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव ने व्योमिका सिंह के लिये जाति सूचक शब्द कहे इससे और पहले भी और भी कई लोगों ने कई बार रालत या विवादित बातें कही हैं, लेकिन उनके खिलाफ इतनी तीव्र और तीखी प्रतिक्रिया नहीं आई इसलिए नहीं आई है क्योंकि वे आदिवासी नही थे।रामगोपाल यादव एक उच्च जाति के प्रभावशाली व्यक्ति है, तो मामला जल्द ही ख़त्म कर दिया जा रहा है।विजय शाह जी का आदिवासी समुदाय से होने के कारण ही उनकी भाषा और उच्चारण में अंतर है, इसलिए वह अपने विचारों को सही ढंग से व्यक्त नहीं कर पाए। यह है कि भाषण की असल भावनाः देशभक्ति और हमारी सेना के पराकम की सराहना करना था।
अगर पूरा भाषण ध्यान से सुना जाए, तो साफ़ होता है कि उनका उद्देश्य देशभक्ति दिखाना था।वे भारतीय सेना की तारीफ़ कर रहे थे और यह बताने की कोशिश कर रहे थे कि हमारे देश के मुस्लिम कितने गर्व और सम्मान के साथ खड़े होते हैं।वे पाकिस्तान के मुसलमानों और भारतीय मुसलमानों के बीच फर्क दिखा रहे थे। यह है कि उनके शब्दों की गलत व्याख्या और भाषा संबंधी बाधा… slip of tongue उन्होंने “काटे-पीटे” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका आशय पाकिस्तान के आतंकवादियों से था, ना कि किसी समुदाय या व्यक्ति विशेष से था।”उनकी बहन” कहने का मतलब किसी व्यक्तिगत या आपत्तिजनक टिप्पणी से नहीं था उनका मतलब था भारतीय मुस्लिम समुदाय की एक बहन ।
वह तुलना करना चाह रहे थे कि जहाँ पाकिस्तान में महिलाएं आतंकवाद में लिप्त हैं, वहीं भारत में महिलाएं सेना और देश की सेवा में गर्व से आगे आ रही हैं।लेकिन भाषा और अभिव्यक्ति में कमी के कारण उनका संदेश सही से सामने नहीं आ पाया।. यह है कि उनकी नियत पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए
उन्होंने किसी की भावना को ठेस पहुँचाने का इरादा नहीं रखा था।
असली मंशा भारतीय सेना और भारतीय मुसलमानों की प्रशंसा करना था।
आदिवासी समुदाय से आने वाले माननीय मंत्री कुंवर विजय शाह जी के द्वारा उक्त विषय पर पूरे देश वासियों व सर्वजन समुदाय से माफी मांग लिए जाने के बाद भी तथाकथित कुछ youtuber मिडियाकर्मि जैसे लोग गलत तरह से प्रचारित कर रहे हैं, जो कि न्यायोचित नहीं है। तथा प्रकरण माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है।आज तक के कितने het speech और slip of tongue के मामलों न्यायलय ने स्वसंज्ञान लिया है और मिडिया ने इतना तीखा प्रहार किया है. तो फिर इसी मामले में इतना क्यों? कुछ मिडिया इन्स्टीट्यूट ओर अपोजिशन, के तथाकथित राष्ट्रक्तों ने तो मानों विजय शाहजी को आतंकवादी ही घोषित कर दिया। क्या ये सब इसलिए हो रहा है, क्योंकी विजय शाहजी एक आदिवासी नेता हैं और वे आदिवासीयों का प्रतिनिधित्व करते है?अतः आप महामहिम व माननीय महोदयों से पूरे आदिवासी समुदाय की ओर से सर्व आदिवासी समाज खण्डवा जिला खण्डवा मध्यप्रदेश विनम्र अनुरोध करता है कि उक्त पूरे प्रकरण पर माफीनामा के बाद आदिवासी समुदाय के माननीय मंत्री कुंवर विजय शाह को माफ़ किया जाना न्यायोचित है, उन्हें माफ़ किये जाने की कृपा करें। ज्ञापन देते समय बड़ी संख्या में आज सर्व आदिवासी समाज के साथ समाज के कुमाल धुर्वे,सोहन उइके, अरुण ठाकुर,रामप्रसाद कवडे, प्रवीण कासडे, संतोषधुर्वे,पवन धुर्वे,सतीष धर्ने रामचंद्र भल्लाकी विजय ढुका उपस्थित थे।

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