आस्था की डगर पर निकले श्रद्धालु, “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा पवई नगर*
लोकेशन – पवई पन्ना मध्य प्रदेश
संवाददाता – एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट
*आस्था की डगर पर निकले श्रद्धालु, “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंजा पवई नगर*


रिपोर्टर –
पवई। श्रद्धा, विश्वास और भक्ति के भावों के साथ पवई नगर से चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का जत्था देवभूमि उत्तराखंड रवाना हुआ। यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ एवं बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर निकल रहे श्रद्धालुओं को नगरवासियों ने पूरे उत्साह और सम्मान के साथ विदाई दी। इस दौरान “हर-हर महादेव”, “जय बाबा केदार” और “जय बद्रीविशाल” के जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
चारधाम यात्रा पर रवाना होने वालों में नगर के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित नागरिक अजय श्रीवास्तव अपनी पत्नी भारतीय श्रीवास्तव एवं परिवार सहित शामिल रहे। वहीं वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत त्रिपाठी अपनी धर्मपत्नी प्रभात त्रिपाठी के साथ यात्रा के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं के जत्थे में प्रदीप श्रीवास्तव “लल्लू” सहित अन्य धर्मप्रेमी नागरिक भी शामिल रहे।
यात्रा पर निकलने से पूर्व श्रद्धालुओं का तिलक लगाकर एवं पुष्पमालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। नगरवासियों ने सभी यात्रियों की सुखद, सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से आशीर्वाद मांगा। श्रद्धालुओं ने भी चारों धामों में पहुंचकर नगर एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति के लिए प्रार्थना करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ के पत्रकार साथियों सहित पवई नगर के अन्य पत्रकारों ने भी वरिष्ठ पत्रकार उमाकांत त्रिपाठी को भावभीनी विदाई दी। सभी पत्रकार साथियों ने उनकी यात्रा को मंगलमय, सुरक्षित एवं सफल होने की शुभकामनाएं देते हुए बाबा केदार और बद्रीविशाल से आशीर्वाद की कामना की।
चारधाम यात्रा को सनातन परंपरा में विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। ऐसे में नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों का इस धार्मिक यात्रा पर जाना लोगों के बीच आस्था और धार्मिक संस्कारों के प्रति गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। विदाई के दौरान मौजूद लोगों ने इसे पुण्य और सौभाग्य का अवसर बताते हुए श्रद्धालुओं के सकुशल लौटने की कामना की।
भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत इस पल ने एक बार फिर पवई नगर की धार्मिक संस्कृति और सामाजिक एकजुटता की सुंदर तस्वीर प्रस्तुत की।