PM Modi Vadodara Visit: 35,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स पर फोकस, ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में जुटेंगे लोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को वडोदरा दौरे पर रहेंगे। इस दौरान 35,000 करोड़ रुपये से अधिक के विकास प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास होगा। साथ ही ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में नागरिकों, छात्रों और युवाओं की भागीदारी देखने को मिलेगी।

# PM Modi Vadodara Visit: 35,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स और ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम
**वडोदरा:** प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को गुजरात के वडोदरा दौरे पर रहेंगे। उनके दौरे के दौरान 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं पर फोकस रहेगा। इसके अलावा महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी पवेलियन में ‘NaMo for Viksit Bharat’ नाम से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें नागरिकों, छात्रों और युवाओं की भागीदारी होगी।
## ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को वडोदरा में ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी पवेलियन में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण में आम नागरिकों और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना है। इसमें नागरिकों, छात्रों और अन्य वर्गों के लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह भी देखा जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई थी और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें रुचि दिखाई।
## 35,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के विकास प्रोजेक्ट्स
प्रधानमंत्री मोदी का वडोदरा दौरा काफी व्यस्त रहेगा। दौरे के दौरान वह 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की कुल लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
इन परियोजनाओं में परिवहन, रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए गुजरात में रेल नेटवर्क और माल ढुलाई की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करना और आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
## रेल कनेक्टिविटी और कार्गो ऑपरेशन पर खास जोर
प्रधानमंत्री के दौरे की बड़ी उपलब्धियों में 326 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन सेक्शन को राष्ट्र को समर्पित किया जाना शामिल है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्देश्य मालगाड़ियों के लिए तेज और बेहतर रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इससे माल ढुलाई के समय को कम करने और रेलवे के जरिए कार्गो ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक है। इसके विस्तार से माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर है।
## इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई गति
प्रधानमंत्री के वडोदरा दौरे में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को विशेष प्राथमिकता दी गई है। 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के जरिए सड़क, रेलवे, कनेक्टिविटी और अन्य क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की कोशिश की जाएगी।
बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का असर सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं रहता। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों, व्यापार, रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
## विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ने की कोशिश
‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन से जोड़कर देखा जा रहा है। कार्यक्रम में युवाओं और नागरिकों की भागीदारी के जरिए विकास की प्रक्रिया में लोगों की भूमिका को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
विकसित भारत के लक्ष्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, तकनीक, शिक्षा, उद्योग और बेहतर कनेक्टिविटी जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए सरकार इन लक्ष्यों को आम लोगों और खासकर युवा वर्ग से जोड़ने की कोशिश कर रही है।
## वडोदरा दौरे पर रहेगी नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 8 सितंबर का वडोदरा दौरा राजनीतिक और विकासात्मक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ जहां हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ ‘NaMo for Viksit Bharat’ कार्यक्रम के जरिए लोगों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा।
रेल कनेक्टिविटी, माल ढुलाई और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के साथ गुजरात के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर प्रधानमंत्री का यह दौरा गुजरात में बड़े विकास प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ विकसित भारत के लक्ष्य में नागरिकों की भागीदारी को रेखांकित करने वाला कार्यक्रम होगा।


