NCERT के राष्ट्रीय सम्मेलन में सीमांचल की बेटी शगुफ़्ता कुलसूम हुई सम्मानित, बढ़ाया बिहार का मान
स्लग:-NCERT के राष्ट्रीय सम्मेलन में सीमांचल की बेटी शगुफ़्ता कुलसूम हुई सम्मानित, बढ़ाया बिहार का मान

रिपोर्ट:-प्रभाष कु. कर्मकार (किशनगंज संवाददाता)
एंकर:- राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा विशाखापट्टनम स्थित दामोदरम संजीवैया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में ‘इक्विटी एंड इनक्लूसिव एजुकेशन’ (समता और समावेशी शिक्षा) विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में बिहार के किशनगंज की मदरसा दारुल हुदा काशीपुर की शिक्षिका शगुफ़्ता कुलसुम ने राज्य और विशेषकर सीमांचल का गौरव बढ़ाया है। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच पर पूरे बिहार से प्रतिनिधित्व करने वाली वे एकमात्र महिला मदरसा शिक्षिका रहीं। सम्मेलन के दौरान शगुफ़्ता कुलसुम ने सीमांचल व बिहार के सुदूर ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों में अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को शिक्षा प्राप्ति में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को बेबाकी से रेखांकित किया। उन्होंने आधुनिक संसाधनों की कमी, भाषाई अवरोध और मुख्यधारा की शिक्षा से अलगाव जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए कई ठोस व व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में NCERT के विभागाध्यक्ष प्रो. विनय, कॉर्डिनेटर डॉ. सिद्धि सूद तथा डॉ. आर. शिल्पा मनोग्ना मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
NCERT के वरिष्ठ अधिकारियों ने शगुफ़्ता के जमीनी अनुभवों, समर्पण और विषय की गहरी समझ की काफी प्रशंसा की। शिक्षा में समता और समावेशिता को बढ़ावा देने के उनके इस उल्लेखनीय प्रयास के लिए उन्हें मंच पर स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सीमांचल के पिछड़े इलाके से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक एवं मदरसा शिक्षा की आवाज़ मुखर करने की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और स्थानीय लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
