बिहार में मानसून का जोर, सभी जिलों में बारिश की संभावना
Bihar Braces for Widespread Rain as Thunderstorms and Strong Winds Raise Flood Concerns

बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और कई जिलों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक **16 अगस्त को पूरे बिहार में बारिश की संभावना** है। खासकर उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
### इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार **पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान और सारण** के कई इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी के कुछ स्थानों पर भी बारिश हो सकती है।
राज्य के बाकी हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना हो सकता है, हालांकि उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
### वज्रपात के साथ 30-40 KM प्रति घंटे की रफ्तार से हवा
उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों में मौसम ज्यादा खराब रहने की संभावना है। यहां मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार **30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे** तक पहुंचने का अनुमान है।
ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास रहने से बचने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
### दो दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो दिनों के दौरान बिहार के तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। बारिश के बावजूद उमस की स्थिति कई क्षेत्रों में बनी रह सकती है।
### औरंगाबाद में दर्ज हुई ज्यादा बारिश
15 अगस्त को औरंगाबाद में **32 से 50 मिलीमीटर तक बारिश** दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक यह सामान्य से करीब **126 प्रतिशत अधिक** रही। वहीं बांका और अरवल में अपेक्षाकृत कमजोर बारिश देखने को मिली।
### नदियों का बढ़ता जलस्तर बढ़ा रहा चिंता
लगातार हो रही बारिश के कारण बिहार की नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। भारी बारिश जारी रहने पर निचले और संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ तथा जलभराव का खतरा बढ़ सकता है।
लोगों को बारिश और उमस दोनों का सामना करना पड़ रहा है। बदलते मौसम के बीच मौसमी बीमारियों को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।
### झारखंड का कम दबाव क्षेत्र पड़ा कमजोर
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी झारखंड और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। हालांकि इससे जुड़ा **चक्रवाती परिसंचरण करीब 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक** उसी क्षेत्र में बना हुआ है।
इसके अलावा मानसून ट्रफ फिरोजपुर, रोहतक, उरई, सीधी, रांची और दीघा से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।
### बंगाल की खाड़ी में बन सकता है नया कम दबाव क्षेत्र
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर करीब **5.8 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण** बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
मौसम की इन परिस्थितियों के कारण बिहार समेत पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं। बारिश वाले इलाकों में लोगों को वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान विशेष सावधानी बरतने तथा नदियों के बढ़ते जलस्तर वाले क्षेत्रों में प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।