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जन सूचना मांगने पर भड़कीं सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी शारदा निषाद, RTI आवेदन को लेकर उठे सवाल

जन सूचना मांगने पर भड़कीं सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी शारदा निषाद, RTI आवेदन को लेकर उठे सवाल

बांदा। सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत विभागीय अभिलेखों से संबंधित जानकारी मांगने का मामला सामने आया है। Sky India TV के मंडल ब्यूरो से जुड़े गिरजा शंकर अवस्थी ने सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, बांदा के जन सूचना अधिकारी के समक्ष RTI आवेदन प्रस्तुत कर कई बिंदुओं पर अभिलेखीय जानकारी मांगी है।

आवेदक के अनुसार, Sky India TV के मंडल ब्यूरो की ओर से दिनांक 27 जुलाई 2026 तथा 2 अगस्त 2026 को विभागीय कार्यालय में PRO Letters प्रस्तुत किए गए थे। आवेदन में दावा किया गया है कि दोनों पत्रों पर Registration No. WJMC/MP/7489296 समान दर्ज है।

RTI आवेदन में दोनों पत्रों की प्राप्ति एवं डायरी संख्या, उन्हें प्राप्त करने वाले अधिकारी या कर्मचारी का विवरण, संबंधित पटल पर भेजे जाने की तारीख तथा वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी गई है। साथ ही दोनों पत्रों पर हुई कार्रवाई से संबंधित नोटशीट, कार्यालय टिप्पणी, आदेश, आपत्ति, पत्राचार और निर्णय की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई हैं।

सूचना ग्रुप में शामिल न किए जाने का भी मांगा रिकॉर्ड

आवेदक ने विभागीय सूचना एवं प्रेस विज्ञप्ति WhatsApp/Telegram अथवा अन्य आधिकारिक ग्रुप में डिजिटल मीडिया संस्थानों और पत्रकारों को शामिल किए जाने से संबंधित नियम, शासनादेश, SOP और दिशा-निर्देश भी मांगे हैं।

RTI में विशेष रूप से यह जानकारी मांगी गई है कि Sky India TV अथवा उसके मंडल ब्यूरो को विभागीय सूचना/प्रेस विज्ञप्ति ग्रुप में शामिल नहीं किए जाने के संबंध में कोई नोटशीट, आपत्ति, आदेश, निर्णय अथवा रिपोर्ट उपलब्ध है या नहीं। यदि ऐसा कोई अभिलेख उपलब्ध नहीं है तो विभाग से स्पष्ट रूप से इसकी जानकारी देने का अनुरोध किया गया है।

डिजिटल मीडिया की पात्रता और प्रक्रिया पर भी सवाल

आवेदन में डिजिटल मीडिया, न्यूज चैनल और न्यूज पोर्टल के पत्रकारों अथवा संस्थानों को विभागीय सूचना ग्रुप में शामिल किए जाने की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रक्रिया से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं।

इसके अलावा, मीडिया संस्थान को सूचना ग्रुप में जोड़ने अथवा न जोड़ने के लिए अधिकृत अधिकारी का पदनाम, अधिकार-पत्र या Delegation Order तथा PRO Letter प्राप्त होने के बाद निर्णय लेने की निर्धारित समय-सीमा से संबंधित नियमों की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई हैं।

समान मामलों की भी मांगी जानकारी

RTI आवेदन में 1 जुलाई 2025 से आवेदन की तारीख तक बांदा में विभागीय सूचना/प्रेस विज्ञप्ति ग्रुप में शामिल किए गए डिजिटल मीडिया संस्थानों एवं पत्रकारों की उपलब्ध अभिलेखीय जानकारी और उनके अनुमोदन की तारीख भी मांगी गई है।

साथ ही, किसी डिजिटल मीडिया पत्रकार या संस्थान को सूचना ग्रुप में शामिल न किए जाने अथवा आवेदन लंबित रहने की स्थिति में शिकायत के लिए अधिकृत अधिकारी और लागू प्रक्रिया की जानकारी मांगी गई है।

“सूचना मांगने पर भड़कीं” — आरोप की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी

आवेदक की ओर से सूचना मांगने के बाद सूचना एवं जनसम्पर्क अधिकारी शारदा निषाद के कथित रूप से नाराज होने/भड़कने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, इस संबंध में अधिकारी का पक्ष या घटना की स्वतंत्र पुष्टि इस समय उपलब्ध नहीं है। इसलिए आरोप को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

RTI आवेदन में आवेदक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सभी सूचनाएं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर बिंदुवार उपलब्ध कराई जाएं। किसी सूचना को देने से इनकार किए जाने की स्थिति में संबंधित वैधानिक प्रावधान, कारण और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का विवरण देने की मांग की गई है।

आवेदक ने यह भी उल्लेख किया है कि निर्धारित अवधि में सूचना उपलब्ध न होने अथवा प्राप्त सूचना से असंतुष्ट होने की स्थिति में वह सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 19(1) के तहत प्रथम अपील का अधिकार रखता है।

अब देखना होगा कि जन सूचना अधिकारी कार्यालय की ओर से इस RTI आवेदन पर क्या जवाब दिया जाता है और मांगे गए अभिलेखों में Sky India TV को विभागीय सूचना ग्रुप में शामिल न किए जाने का कोई कारण दर्ज है या नहीं।

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