शनि जयंती और अमावस्या आज होगा भंडारा।
शनि जयंती और अमावस्या आज होगा भंडारा।
शनिदेव के दरबार में उमड़ेगी आस्था, भक्त करेंगे तेलाभिषेक।
खंडवा। शनि जयंती, शनि अमावस्या और शनिवार का दुर्लभ संयोग वर्षों बाद होने जा रहा है आज 16 मई शनिवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ शनी जन्मोत्सव मनाया जाएगा। भवानी माता रोड स्थित प्राचीन शनिदेव मंदिर में सुबह से ही विशेष पूजन, तेलाभिषेक और धार्मिक आयोजनों का दौर शुरू होगा। मंदिर समिति ने इस अवसर पर व्यापक तैयारियां की हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि मंदिर में स्थापित शनिदेव की प्रतिमा 100 वर्ष से अधिक प्राचीन है, जिसे चमत्कारी और मनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि शनि जयंती और अमावस्या पर विधि-विधान से पूजा करने पर शनि दोष, साढ़ेसाती, अढ़ैया और राहू-केतु के अशुभ प्रभावों से राहत मिलती है।
सुबह से होगा प्रतिमा पर तेल स्नान अभिषेक मंदिर के पंडित ज्योतिष आचार्य विशाल शर्मा ने बताया कि प्रातः 6 बजे से शाम 4 बजे तक श्रद्धालु अपने हाथों से शनिदेव का तेल स्नान अभिषेक कर सकेंगे। इस दौरान शनि देव और राहू-केतु के अखंड जाप भी किए जाएंगे। श्रद्धालु काला कपड़ा, काले तिल, उड़द, तेल, लोहा, कंबल, छाता, श्रीफल एवं अन्य सामग्री का दान कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। समाज समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि पंडित विशाल शर्मा एवं परिवार द्वारा प्रातः काल भगवान का अभिषेक होगा, तत्पश्चात सुबह 6:00 बजे से प्राचीन शनिदेव की प्रतिमा का श्रद्धालु अपने हाथों से तेल स्नान अभिषेक करेगें, यह कार्यक्रम शाम 4:00 बजे तक आयोजित होगा दोपहर 12: बजे जन्मोत्सव आरती के प्रसाद के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन होगा साथ ही शनि देव और राहु केतु के अखंड जाप भी होंगे, रात्रि 8:00 बजे महाआरती, प्रसादी वितरण किया जाएगा।
भजन संध्या से गूंजेगा मंदिर परिसर
शाम होते ही मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में रंग जाएगा। रात्रि 8 बजे महाआरती के साथ भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु शनिदेव के भजनों पर भक्ति रस में डूबेंगे। मंदिर समिति ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से परिवार सहित पहुंचकर दर्शन और पूजन करने की अपील की है।