ज्वार की रोटी और अमाड़ी की भाजी के मुरीद हुए शहरवासी, गुर्जर महिला मंडल का संक्रांति मेला
ज्वार की रोटी और अमाड़ी की भाजी के मुरीद हुए शहरवासी, गुर्जर महिला मंडल का संक्रांति मेला
संपन्न
खंडवा। शहर की अग्रणी सामाजिक संस्था ‘गुर्जर महिला मंडल’ द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित ‘संक्रांति मेला’ रविवार को हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। पोदार इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में आयोजित इस मेले में सुबह से ही लोगों का उत्साह देखने को मिला, जहाँ बड़ी संख्या में खंडवा वासियों ने सपरिवार पहुँचकर निमाड़ी संस्कृति और जायके का आनंद लिया।
देसी स्वाद ने जीता लोगों का दिल
इस वर्ष मेले का मुख्य आकर्षण पारंपरिक और शुद्ध देसी खान-पान रहा। आधुनिक व्यंजनों को पीछे छोड़ते हुए लोग निमाड़ के प्रसिद्ध स्वाद— ज्वार की रोटी और अमाड़ी की भाजी के दीवाने नजर आए। इसके अलावा गरमा-गरम चीले, मट्ठा (छाछ) और सिलबट्टे पर पिसी देसी चटनी का लुत्फ उठाने के लिए स्टॉल्स पर भारी भीड़ उमड़ी। खाने-पीने के करीब 7 से 8 स्टॉल्स लगाए गए थे, जहाँ चटपटे व्यंजनों ने भोजन प्रेमियों को तृप्त किया।
महिलाओं के लिए रहा खरीदारी का संगम
आगामी मकर संक्रांति पर्व को देखते हुए मेले में खरीदारी के लिए भी विशेष इंतजाम थे। विभिन्न स्टॉल्स पर आकर्षक हैंडबैग्स, ज्वेलरी, रेडीमेड स्नैक्स और डिजाइनर कपड़ों की प्रदर्शनी लगाई गई थी। महिलाओं ने पर्व के लिए जमकर खरीदारी की और हस्तशिल्प वस्तुओं की सराहना की।
संस्कृति को सहेजने का प्रयास
मंडल की कार्यकर्ता पूजा दोगने ने बताया कि यह मेला प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य सामाजिक एकता और अपनी लोक संस्कृति को बढ़ावा देना है। रविवार सुबह 9 बजे से शुरू हुआ यह आयोजन देर रात 9 बजे तक चला। आयोजक मंडल ने इस सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया है।
समाचार की मुख्य सुर्खियां
स्थान: पोदार इंटरनेशनल स्कूल का प्रांगण, खंडवा।
प्रमुख आकर्षण: पारंपरिक निमाड़ी भोजन (अमाड़ी भाजी-ज्वार रोटी)।
उद्देश्य: महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक मेल-जोल को बढ़ावा देना।
शॉपिंग: ज्वेलरी, बैग्स और रेडीमेड स्नैक्स की रही धूम।