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प्राचीन विठ्ठल मंदिर – नाम सप्ताह उत्सव – 144 वाँ वर्ष, 4 जुलाई से प्रारंभ

हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 3 जुलाई को उत्सव के पहले भंडार पूजन किया जाएगा, जिसमें अन्नपूर्णा पूजन होगा,

खंडवा।। घंटाघर के सभी अति प्राचीन विट्ठल मंदिर में 1882 से प्रतिवर्ष यहाँ आषाढ़ मास में सतत सात दिवसीय श्री नाम सप्ताह उत्सव मनाया जाता आ रहा है , प्रदेश का यह पहला मंदिर है जहां नाम सप्ताह उत्सव के तहत सातो दिन 24 घण्टे 7 दिवस रात दिन भगवान के भजन होते है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि पर्व के दौरान प्रतिदिन भगवान का विशेष शृंगार किया जाएगा। पारम्परिक प्राचीन उत्सव 4 जुलाई शुक्रवार से 11 जुलाई तक तिथि अनुसार मनाया जाएगा।यह अखंड पारम्परिक “नाम सप्ताह” उत्सव ‘143’ वर्षो से बिना किसी अवरोध के शांति पूर्ण तरीके से भक्ति भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
4 जुलाई को प्रातः 6:30 काकड़ा आरती के साथ उत्सव का आरम्भ होगा।
6 जुलाई को आषाढ़ी एकादशी मनाई जाएगी। 10 जुलाई को गुरुपूर्णिमा मनाई जाएगी। जिसमें परंपरानुसार श्री गुरु सच्चिदानंद महाराज की पादुका का पूजन किया जाएगा। सुनील जैन ने बताया कि पर्व के समापन आखिरी दिन 11 जुलाई को शाम 5 बजे भगवान श्री पंढरीनाथ (विट्ठल) की पालकी प्रतिवर्षानुसार शहर के कई मार्गों से निकलेगी। नाम सप्ताह उत्सव मे प्रतिदिन कई भजन मंडल जैसे -सत्य साईं समिति , अथर्वशीर्ष भजन मंडल (मराठी समाज) विष्णु सहस्रनाम मंडल, विट्ठल मंदिर महिला भजन मंडल , रामायण मंडल, हरे राम मंडल ,कसेरा समाज भजन मंडल, गुरव समाज मंडल, संत सिंगाजी भजन मंडल ,यादव समाज मंडल, पासी समाज मंडल, मराठा समाज मंडल, बालाजी भजन मंडल, दादाजी भजन मंडल,के साथ साथ कई ग्रामीण भजन मंडल एवम विभिन्न महिला मंडल कई वर्षों से उत्सव को सफल बना रहे है।हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सभी भक्तों , पहरों (भजन मंडलियों )से निवेदन हे ,की इस वर्ष भी इस पारंपरिक नाम सप्ताह उत्सव को बड़े हर्षोल्हास के साथ पूर्ण गरिमा रखते हुए सफलतापूर्वक मनाए।

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