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पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान

रिपोर्टर- SKY इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट

संभागायुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत के निर्देशानुसार सागर संभाग में सेवानिवृत्त और मृत शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों एवं अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आगामी 26 मई से 20 जून तक जिले के सभी कार्यालयों में सेवानिवृत्त और मृत शासकीय सेवकों के पेंशन एवं अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण किया जाएगा। इस संबंध में संभाग आयुक्त ने सागर संभाग के समस्त कलेक्टर को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया कि वह अपने-अपने जिले में उक्त अवधि में जिले के समस्त कार्यालयों के सेवानिवृत्त व मृत शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरण एवं देय स्वत्वों के निराकरण के लिए एक अभियान चलाएं।
*अभियान की रूपरेखा*
इस संबंध में जारी निर्देशों में कहा गया है कि सभी पेंशन अधिकारियों/जिला कोषालय अधिकारियों/जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय/विभाग में गत 02 वर्षों में सेवानिवृत्त/मृत सभी शासकीय सेवकों की सूची (31 मई 2025 की स्थिति में) बनाकर यह चिन्हित करने का दायित्व सौंपें कि उनके पेंशन प्रकरण का निराकरण होकर सेवानिवृत्ति पर देय सभी स्वत्वों का भुगतान हो गया है अथवा नहीं, साथ ही यह भी देखा जाये कि मृत शासकीय सेवकों के मामले में पात्र व्यक्ति को अनुकंपा नियुक्ति मिल गई है अथवा नहीं यदि नहीं तो आवश्यक कार्यवाही अभियान अंतर्गत ही करें। जिन शासकीय सेवकों के उक्त स्वत्वों का निराकरण नहीं हुआ है, उन शासकीय सेवकों की अलग-अलग श्रेणी के क्लेम/दावे की सूची पृथक से तैयार कर लें तथा उनके निराकरण के लिए कार्यवाही प्रारंभ करें। जिला पेंशन कार्यालय द्वारा बताई गई अपूर्ण कार्यवाही को पूर्ण करवाकर जिला अधिकारी अपने शाखा प्रमुख के समक्ष पूरा प्रकरण जिला पेंशन अधिकारी को भिजवाएं। जो प्रकरण जिला पेंशन अधिकारी के स्तर पर स्वीकृत किये जाकर पी.पी.ओ. जारी किये जा सकते हैं, उसके पी.पी.ओ. जारी कर दिये जाएं तथा अभियान समाप्ति के उपरांत जिला कलेक्टर के निर्देशन में पी.पी.ओ. का वितरण किया जाए।
आदेश में उल्लेखित है कि जिन प्रकरणों का निराकरण संभागीय पेंशन अधिकारी/ संयुक्त संचालक कोष एवं लेखा अथवा विभागाध्यक्ष के द्वारा किया जाना है, उन प्रकरणों को तैयार कर वे संबंधित कार्यालय को इस अभियान के दौरान प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करेंगे। जिला कलेक्टर इस बात की समीक्षा करेंगे कि उनके जिले में विभिन्न विभागों के पेंशन एवं देय स्वत्वों के निराकरण के लिए कितने प्रकरण निर्धारित किये गये थे, कितने निराकृत हुए और कितने निराकरण के लिए शेष हैं। जिला कलेक्टर निराकरण के लिए शेष प्रकरणों के कारणों को भी जिला अधिकारी से प्राप्त करेंगे। इस संबंध में कलेक्टर्स टीएल बैठक में चर्चा अनिवार्य रूप से करेंगे।
*शासकीय सेवक का पी.पी.ओ./देय स्वत्व निराकरण के लिए शेष रहने पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही*
संभाग आयुक्त डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि अभियान के पश्चात यह अपेक्षा की जाती है कि जिले में किसी भी शासकीय सेवक का पी.पी.ओ./देय स्वत्व निराकरण के लिए शेष नहीं है अथवा प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है। अब यदि इसके बाद कोई आवेदन/प्रकरण जन सुनवाई, मुख्यमंत्री हेल्पलाईन या अन्य किसी माध्यम से संज्ञान में आता है और वह इस अभियान के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा चिन्हांकित कर निराकरण की श्रेणी में नहीं लाया गया है तो ऐसी दशा में जिला कलेक्टर उस विभाग के जिला प्रमुख का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव इस कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें। अभियान की समाप्ति के बाद अभियान की उपलब्धियों का एक विवरण/प्रतिवेदन भी प्रेषित करने के लिए निर्देशित किया गया है।

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