*लोक कल्याण शिविर में उमड़ा जनसैलाब: 695 आवेदन पहुंचे, 313 मामलों का मौके पर समाधान*
*लोक कल्याण शिविर में उमड़ा जनसैलाब: 695 आवेदन पहुंचे, 313 मामलों का मौके पर समाधान*
रिपोर्टर – एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट
पवई शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के उद्देश्य से नवीन ग्रामीण आजीविका मिशन भवन, पवई में आयोजित खंड स्तरीय लोक कल्याण शिविर के दूसरे दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित 695 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 313 मामलों का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को तत्काल राहत प्रदान की गई।
शिविर में सबसे अधिक 566 आवेदन जनपद पंचायत के पास पहुंचे, जिनमें से 302 आवेदनों का निराकरण किया गया। वहीं नगर पंचायत, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पी एच ई) एवं विद्युत विभाग को प्राप्त सभी आवेदनों का मौके पर समाधान कर दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग को प्राप्त 12 आवेदनों में से 7 का निराकरण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोहनी आनंद मिश्रा, जनपद पंचायत सीईओ अखिलेश उपाध्याय एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका संवर्धन योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही पात्र महिलाओं एवं हितग्राहियों को ऋण एवं सहायता राशि के चेक वितरित किए गए।
शिविर में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, संबल योजना, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं सहित विभिन्न विभागों की जनहितकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए गए। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही आवेदनों की जांच कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
हालांकि शिविर के दौरान राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। आमजन ने उम्मीद जताई कि आगामी शिविरों में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिससे लोगों की समस्याओं का और अधिक प्रभावी ढंग से समाधान हो सके।
प्रशासन का कहना है कि लोक कल्याण शिविरों के माध्यम से शासन की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनकी शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि आमजन को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

