खबर

रीवा जिले के शिक्षा विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा: अनुकंपा नियुक्ति में भारी घोटाला, मृतक महिला ने कभी नहीं दी सेवा, बेटा भी नहीं निकला असली

रीवा से अनिल शर्मा।

रीवा

रीवा जिले के शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्तियों को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि जिस महिला के नाम पर एक युवक को अनुकंपा नियुक्ति दी गई, उस महिला ने कभी भी शिक्षा विभाग में सेवा नहीं दी थी। चौंकाने वाली बात यह भी है कि नियुक्ति पाने वाला व्यक्ति उस महिला का बेटा भी नहीं है।

सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारी और अनुकंपा नियुक्ति प्रभारी की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। फर्जीवाड़े के उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि “दस्तावेज इतने असली लग रहे थे कि शंका की कोई गुंजाइश ही नहीं थी।”

क्या होगी कार्रवाई? मोहन यादव के आगमन पर टिकी निगाहें
अब सवाल यह उठ रहा है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव, 4 जून को रीवा के दौरे पर आने वाले हैं, क्या इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करेंगे? शिक्षा जैसे गंभीर विभाग में यदि इस तरह की गड़बड़ियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भ्रष्टाचारियों के हौसले और भी बुलंद हो सकते हैं।

एक और मामला आने वाला है सामने
सूत्रों की मानें तो यह अकेला मामला नहीं है। एक अन्य मामले में दो लोगों को एक ही मृतक कर्मचारी के नाम पर अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। इस मामले में भी जल्द बड़ा खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है।

क्या धूमिल हो रही मुख्यमंत्री की छवि?
प्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने वाले मुख्यमंत्री मोहन यादव की छवि पर ऐसे मामलों से सवाल उठने लगे हैं। क्या रीवा जिले के शिक्षा अधिकारी उनकी साख को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं? यह सवाल अब जनमानस और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

अब इंतजार है निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई का।
रीवा जिले में शिक्षा विभाग की यह गड़बड़ी राज्यभर में चर्चा का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि शासन इस पर क्या रुख अपनाता है और दोषियों पर कब तक गिरती है गाज।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button