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मोबाइल चोरी से साइबर ठगी तक का तीन-स्तरीय नेटवर्क बेनकाब, 65 लाख की ठगी का खुलासा
रिपोर्ट अनिल कुमार गुप्ता दिल्ली
मोबाइल चोरी से साइबर ठगी तक का तीन-स्तरीय नेटवर्क बेनकाब, 65 लाख की ठगी का खुलासा
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने मोबाइल चोरी के जरिए बैंक खातों तक पहुंच बनाकर साइबर ठगी करने वाले एक संगठित तीन-स्तरीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह मोबाइल चोरी करने वालों, मेरठ-गाजियाबाद के बैंक खातों की व्यवस्था करने वाले आरोपियों और जयपुर में बैठे तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसे निकालता था। अब तक करीब 65 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है और देश के कई राज्यों की करीब 19 साइबर शिकायतों को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह मोबाइल फोन से वित्तीय जानकारी हासिल करने के साथ ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा था, जिससे सिम कार्ड का इस्तेमाल किए बिना भी बैंक खातों से लेन-देन किया जा सकता था। जांच में 4 लैपटॉप, 2 टैबलेट, करीब 52 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड, 145 सिम कार्ड, 6 पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें, 14 बैंक पासबुक और करीब 4 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। आरोपियों के पास कई मर्चेंट आईडी भी मिली हैं, जिनके जरिए ठगी की रकम को तेजी से इधर-उधर करने और कैश में बदलने का काम किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह में काम का स्पष्ट बंटवारा था। पहला समूह मोबाइल चोरी करता था, दूसरा समूह बैंक खातों की व्यवस्था करता था और तीसरा तकनीकी रूप से दक्ष समूह ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाकर निकालता था। पुलिस बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। अब तक नौ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और दिल्ली, मेरठ, गाजियाबाद तथा जयपुर से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।