मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव से 80 करोड़ की डाइनिंग चेन के मालिक बने योगेश शर्मा, ऐसे लिखी सफलता की कहानी
दिल्ली से पढ़ाई के बाद पुणे के SIBM से बिजनेस और मार्केटिंग मैनेजमेंट की पढ़ाई, फिर F&B कारोबार में उतरे योगेश शर्मा ने खड़ी की करोड़ों की डाइनिंग चेन

## ₹6,500 की नौकरी से 80 करोड़ के कारोबार तक, योगेश शर्मा ने ऐसे खड़ी की डाइनिंग चेन
**नई दिल्ली:** मेहनत, सही सोच और कारोबार के प्रति जुनून के दम पर योगेश शर्मा ने फूड एंड बेवरेज (F&B) इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाई है। कभी मुंबई में 6,500 रुपये महीने की नौकरी करने वाले योगेश शर्मा आज ‘कारीगरी’ डाइनिंग चेन के संस्थापक और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। कंपनी का कारोबार करीब 80 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है और इसकी वैल्यूएशन करीब 220 करोड़ रुपये बताई गई है। कंपनी प्री-आईपीओ चरण की तैयारी में है।
### SIBM से पढ़ाई के बाद शुरू की 6,500 रुपये की नौकरी
योगेश शर्मा ने दिल्ली में स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद पुणे के सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (SIBM) से बिजनेस एंड मार्केटिंग मैनेजमेंट की पढ़ाई की। साल 2007 में उन्होंने मुंबई में हिंदुस्तान टाइम्स में मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव के तौर पर करियर शुरू किया। उस समय उनकी मासिक सैलरी 6,500 रुपये थी। नौकरी के साथ ही उनके मन में अपना कारोबार शुरू करने का सपना था।
### नौकरी के साथ शुरू किया अपना कैफे
योगेश ने नौकरी छोड़ने के बजाय उसके साथ ही अपने बिजनेस के सपने को आगे बढ़ाया। साल 2010 में उन्होंने अपने पिता से मिले 10 लाख रुपये के निवेश से मुंबई में 20 सीटों वाला एक छोटा कैफे शुरू किया। वह दिन में नौकरी करते और शाम को कैफे में बैठकर रेस्टोरेंट कारोबार की बारीकियां समझते थे। इसी अनुभव ने आगे उनके F&B कारोबार की नींव मजबूत की।
### दिल्ली लौटकर खोले रेस्टोरेंट
मुंबई के अनुभव के बाद योगेश 2011 से 2015 के बीच दिल्ली लौटे और युवाओं को ध्यान में रखकर कई रेस्टोरेंट वेंचर्स शुरू किए। कालकाजी में देशबंधु कॉलेज के पास, लक्ष्मी नगर और इडियम मॉल में शुरू किए गए उनके आउटलेट्स को अच्छी सफलता मिली। इनसे अलग-अलग समय में करीब 20 लाख, 40 लाख और 60 लाख रुपये तक का मासिक राजस्व हासिल हुआ। उन्होंने ‘जंगल जंबूरी’ और ‘द फ्लाइंग डचमैन’ जैसे कॉन्सेप्ट्स में भी काम किया।
हालांकि, 2015 में योगेश ने अपने पुराने वेंचर्स से बाहर निकलने का फैसला किया। उनका लक्ष्य केवल युवाओं पर केंद्रित कैफे चलाने के बजाय पूरे परिवार के लिए प्रीमियम डाइनिंग ब्रांड तैयार करना था।
### शेफ हरपाल सिंह सोखी के साथ शुरू हुआ ‘कारीगरी’
कोरोना महामारी से पहले योगेश शर्मा की मुलाकात मशहूर शेफ हरपाल सिंह सोखी से हुई। दोनों ने फैमिली डाइनिंग पर केंद्रित एक नए ब्रांड की योजना बनाई। लॉकडाउन के दौरान दोनों ने बाजार और ग्राहकों की पसंद को लेकर रिसर्च की और साल 2021 में नोएडा से ‘कारीगरी’ रेस्टोरेंट की शुरुआत की।
‘कारीगरी’ की खासियत इसके व्यंजनों के पीछे की कहानियां और उनका अलग नामकरण है। ब्रांड उत्तर भारतीय और मुगलई स्वाद के साथ पारंपरिक कारीगरों की कला को अपने कॉन्सेप्ट का हिस्सा बनाता है। दीनानाथ चाट और बेला चमेली शर्बत जैसे व्यंजन इसी स्टोरीटेलिंग कॉन्सेप्ट का हिस्सा हैं।
### 12 से ज्यादा आउटलेट, 500 से अधिक कर्मचारी
आज ‘कारीगरी’ के नोएडा, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, चंडीगढ़, इंदौर, देहरादून और बेंगलुरु जैसे शहरों में 12 से अधिक बड़े प्रीमियम आउटलेट संचालित हो रहे हैं। कंपनी विस्तार के लिए FOCO यानी Franchise Owned Company Operated मॉडल का इस्तेमाल करती है। रिपोर्ट के मुताबिक फ्रेंचाइजी फीस करीब 70 लाख रुपये और सेटअप कॉस्ट करीब 4 करोड़ रुपये है, जबकि संचालन और क्वालिटी का नियंत्रण कंपनी के पास रहता है।
कंपनी में अब 500 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कारोबार का टर्नओवर 2022 में करीब 25 करोड़ रुपये से बढ़कर अब करीब 80 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी की वैल्यूएशन करीब 220 करोड़ रुपये बताई गई है और वह प्री-आईपीओ चरण की तैयारी कर रही है।
### योगेश शर्मा की सफलता का मंत्र
योगेश शर्मा के मुताबिक कारोबार शुरू करने वालों को ऐसा बिजनेस चुनना चाहिए, जिसके प्रति वे वास्तव में जुनूनी हों। उनका मानना है कि कारोबार में आंकड़ों और वित्तीय हिसाब-किताब पर मजबूत पकड़ जरूरी है। उनके सफर में नौकरी के साथ छोटे कैफे से शुरुआत, रेस्टोरेंट वेंचर्स का अनुभव और फिर फैमिली डाइनिंग ब्रांड तैयार करने की रणनीति शामिल रही है।
6,500 रुपये महीने की नौकरी से शुरू हुआ योगेश शर्मा का सफर आज 80 करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच चुका है। उनकी कहानी यह दिखाती है कि F&B जैसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में कारोबार खड़ा करने के लिए लंबे समय की योजना, बाजार की समझ और लगातार मेहनत अहम भूमिका निभा सकती है।
