नानी बाई रो मायरो कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब* *अंतिम दिवस स्वयं प्रभु भरेंगे नानी बाई का मायरा — कृष्णप्रिया दीदी*
*नानी बाई रो मायरो कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब*
*अंतिम दिवस स्वयं प्रभु भरेंगे नानी बाई का मायरा — कृष्णप्रिया दीदी*
खण्डवा। “दादाजी की नगरी खण्डवा में दादाजी का आशीर्वाद सभी श्रद्धालुओं पर बना हुआ है।बड़े दादाजी नर्मदा मैया के प्रति अटूट श्रद्धा रखने परिक्रमा करने वाले, गौरीशंकर जमात वाले महात्मा के शिष्य है। गौरीशंकर जी के तप से प्रसन्न होकर नर्मदा जी ने दर्शन दिए परन्तु गौरीशंकर जी ने कहाकि मुझे महादेव जी के दर्शन नही हुए तब नर्मदा मैय्या ने कहाकि आपके यंहा जो बालक है वह ही साक्षात शिव है।गौरीशंकर महाराज समझ गए कि यह बालक साधारण नही है ।बालक ने पूछा कि मुझे मेरी माता बताओ तो उन्होंने कहाकि नर्मदा मैया ही तुम्हारी मैया है।बालक का नाम केशवानंद रखा व उन्हें काशी में भेजकर सारे संस्कार दिए।अल्प समय मे ही बालक केशव ने समग्र वेदों का अध्ययन कर लिया फिर केशवानंद बड़े दादाजी जो शिव का अवतार है उन्होंने साई खेड़ा में अपनी लीलाएं की।बाद में खण्डवा में समाधि लेकर खण्डवा को प्रमाणित स्थान बना दिया।छोटे दादाजी हरिहर भोले भगवान विष्णु का अवतार है।आप खण्डवा वाले बहुत ही भाग्यशाली हो जो ऐसा स्थान मिला। भीषण गर्मी के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं एवं पुरुषों की उपस्थिति देखकर मैं अभिभूत हूं। उक्त उद्गार वृन्दावन से पधारी सुप्रसिद्ध कथावाचिका कृष्णप्रिया दीदी ने पूर्व निमाड़ सामाजिक एवं सांस्कृतिक सेवा समिति द्वारा गणेश गौशाला खण्डवा में आयोजित पांच दिवसीय नानी बाई रो मायरो कथा के चतुर्थ दिवस व्यासपीठ से व्यक्त किए।प्रवक्ता सुनील जैन व नारायण बाहेती ने बताया कि
दीदी ने कथा के दौरान भक्त और भगवान के अलौकिक संबंध का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्चे मन से की गई भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। भगवान अपने भक्त की लाज बचाने स्वयं आते हैं। नामदेव जी की कथा का वर्णन भी किया।कथा के दौरान दादा तेरे नाम से ज़िंदगी ये हमारी,ये ज़िंदगी हमारी व भजनों की प्रस्तुति व सजीव चित्रण ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया तथा पूरा पांडाल भक्तिरस में डूब गया।
प्रवक्ता सुनील जैन एवं नारायण बाहेती ने बताया कि चतुर्थ दिवस की कथा के प्रारंभ में संयोजक आशिष चटकेले, यजमान श्रीमती कंचन मुकेश तनवे, यजमान गुरदीप कौर अमरजीत सिंघ सलूजा,श्रीमती मनीषा आशीष पंकज अग्रवाल, अमित पालीवाल, श्रीमती कविता मांगीलाल पटेल,श्रीमती आरती अखिलेश गुप्ता, समिति के भूपेंद्रसिंह चौहान, रामचंद्र मौर्य, रितेश चौहान, मंगलेश तोमर, मंगलेश शर्मा, सुनील जैन, नारायण बाहेती, नागेश वलेंजकर, ने व्यासपीठ का पूजन किया।
कथा में अतिथियों का स्वागत समिति द्वारा किया गया। आयोजन के दौरान प्रस्तुत सजीव झांकियों एवं धार्मिक प्रसंगों ने सभी का मन मोह लिया। सांवरिया जी नरसिंह जी को गाड़ी लेकर अंजार नगर पहुँचे।जोशी जी ने श्री रंग जी को इनके पहुँचने की जानकारी दी।कृष्णप्रिया दीदी ने घोषणा की कि अंतिम दिवस नानी बाई का मायरा स्वयं प्रभु भरेंगे। सुनील ने बताया कि गुरुवार की आरती के पश्चात समिति संयोजक आशीष चटकेले एवं समिति सदस्यों द्वारा भक्त और भगवान के इस अत्यंत मार्मिक प्रसंग को सुनने हेतु सभी धर्मप्रेमीजनों से अधिकाधिक संख्या में पधारने की अपील की गई है।आयोजन में श्रीमती कला जगदीश प्रसाद गुप्ता,सन्तोष गुप्ता, विभा व अनिल बाहेती,शीतल व मंगलेश शर्मा,छाया व सर्वेश राठौर,रिया व रितेश चौहान,मंजू व कैलाश पटेल,रागिनी व सन्तोष मालवीय, श्रीराम परिहार, आशा व राजेन्द्र अग्रवाल,लियो अर्पित बाहेती, लियो शिवम जायसवाल, लियो सुमित परिहार,ओम दशोरे,भावना बिल्लोरे,इसप्रीत खण्डपुरे,बंटी चौकसे,नरेश जांगिड़,रुचिका व आशीष वर्मा,जितेंद सावनेर,रीता व वीरेंद्र अग्रवाल,कमल खण्डेलवाल, रीना व आनंद गुप्ता,सतिंदर सिंह खण्डपुरे ,अजय लाड़, शिव दशोरे, मांगीलाल जांगिड़,आशा उपाध्याय, सर्वेश गुप्ता,आदि ने व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया।
आज का प्रसाद वीरेंद्र अग्रवाल,श्री गौड़ मालवीय ब्राम्हण समाज,कमल खण्डेलवाल, हरिहर प्रसाद चटकेले व अंशुल नरेश वर्मा के सौजन्य से लियो क्लब खण्डवा टीम द्वारा वितरित किया गया।कार्यक्रम का संचालन भूपेंद्रसिंह चौहान ने किया। महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ चतुर्थ दिवस की कथा का विराम हुआ।