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सुलभ शौचालय बना ‘असुलभ’: ओमकारेश्वर में श्रद्धालु हो रहे हैं परेशान, प्रशासन बना मूकदर्शक❞

ओमकारेश्वर (खंडवा)।
श्रावण मास में जहां एक ओर ओमकारेश्वर तीर्थ नगरी शिवभक्तों की आस्था से सराबोर है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही के चलते श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है। विशेष रूप से सुलभ शौचालय की स्थिति चिंताजनक है, सुविधा घर होते हुए भी श्रद्धालुओं को खुले में शौच जाना पड़ रहा है, क्योंकि शौचालय तक पहुंचना अब आसान नहीं रहा।

श्रावण मास में तीर्थ नगरी में अस्थायी गुमटी और ठेले वालों की बाढ़ आ जाती है। यह गुमटियां मुख्य सड़कों और स्थायी दुकानों के सामने अनियंत्रित रूप से स्थापित की जा रही हैं, जिनका कोई नियोजन नहीं है। स्थिति इतनी भयावह हो गई है कि सुलभ शौचालय सुविधा घर के सामने भी ठेले और वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे उसका प्रवेश द्वार पूरी तरह बाधित हो चुका है।

स्थानीय दुकानदार और शौचालय कर्मचारियों के अनुसार, हाल ही में सुलभ शौचालय के सामने की भूमि एक दुकान के लिए लीज पर दी गई, जिसके बाद अतिक्रमण में और तेजी आई है। अब श्रद्धालुओं को शौचालय ढूंढ़ने में भी मशक्कत करनी पड़ रही है।

आस्था के इस पवित्र स्थल पर जब श्रद्धालुओं को खुले में शौच जाना पड़े तो यह प्रशासन की गंभीर विफलता का प्रमाण है। गंदगी और बदबू के कारण न केवल तीर्थ की गरिमा प्रभावित हो रही है, बल्कि स्वास्थ्य संकट भी गहराता जा रहा है।

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर परिषद उदासीन बनी हुई है। अतिक्रमणकारियों से विवाद की नौबत आ चुकी है, और अब स्थिति विस्फोटक होती जा रही है।

❝क्या तीर्थ नगरी की छवि ऐसे ही धूमिल की जाएगी?❞

सवाल उठता है कि जब प्रशासन को पता है कि हर साल श्रावण मास में भीड़ बढ़ती है, तो फिर ऐसी अव्यवस्था क्यों दोहराई जाती है? क्या तीर्थ नगरी की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुविधा अब अवैध गुमटियों के हवाले है?

सुलभ शौचालय के आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त घोषित किया जाए। श्रद्धालुओं के मार्ग को अवरोधित करने वालों पर तत्काल कार्यवाही हो। नगर परिषद नियमित निगरानी दल नियुक्त करे। अस्थायी व्यापारियों को निर्धारित क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए।

यदि अब भी जिम्मेदार जागे नहीं, तो ओमकारेश्वर जैसे पावन तीर्थ स्थल की पहचान गंदगी, अव्यवस्था और प्रशासनिक चुप्पी से होने लगेगी ? और यह हम सबके लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा ।

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