खबर

डॉक्टरों ने जाना मन-शरीर चिकित्सा का महत्व, राजयोग और ध्यान के वैज्ञानिक पहलुओं पर हुई चर्चा।

डॉक्टरों ने जाना मन-शरीर चिकित्सा का महत्व, राजयोग और ध्यान के वैज्ञानिक पहलुओं पर हुई चर्चा।


ब्रह्माकुमारी संस्थान में आयोजित हुआ “माइंड-बॉडी मेडिसिन” कार्यक्रम, जिलेभर के चिकित्सक हुए शामिल

खंडवा। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के भाग्योदय भवन में डॉक्टरों के लिए “माइंड-बॉडी मेडिसिन” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम में चिकित्सकों को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के संतुलन तथा राजयोग और ध्यान के वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेडिकल कॉलेज के डीन प्रो. डॉ. संजय कुमार दादू एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत उपस्थित रहे। वहीं भारतीय चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. आशीष जैन, सचिव डॉ. रिंकू यादव तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक भ्राता पवन पांडे विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन इंदौर की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शिल्पा देसाई ने किया। इस दौरान विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अलग-अलग विषयों पर अपने विचार साझा किए। वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि खरे ने चिकित्सा क्षेत्र में तनावमुक्त जीवनशैली पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. लखन सिंह बैस ने राजयोग के व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याकम रावत ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.एस. ठाकुर ने आध्यात्मिक जीवनशैली के महत्व को बताया, जबकि वरिष्ठ शल्य चिकित्सक डॉ. एस.के. पांडे ने ध्यान के वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी।
पैनल चर्चा और योगानुभूति का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान 10 मिनट की पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसके बाद इंदौर जोन की मेडिकल विंग समन्वयक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उषा दीदी ने उपस्थित चिकित्सकों को योगानुभूति कराई। ध्यान और राजयोग के माध्यम से मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी गई। संस्था प्रभारी ब्रह्माकुमारी शक्ति दीदी ने स्वागत उद्बोधन दिया। अतिथियों का स्वागत ब्रह्माकुमारी बहनों ने तिलक लगाकर एवं दुपट्टा ओढ़ाकर किया। कार्यक्रम का संचालन बीके संतोष दीदी ने किया, जबकि आभार बीके सुरेखा दीदी ने माना। कार्यक्रम के समापन पर सभी के लिए ब्रह्मा भोजन की व्यवस्था भी की गई। कार्यक्रम में उपस्थित चिकित्सकों ने कहा कि वर्तमान व्यस्त जीवनशैली में मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखना बेहद आवश्यक है। ऐसे आयोजन चिकित्सकों को तनावमुक्त और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button