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अपने खेतों में जहरीली दवा छिड़कने के बाद दवा उपकरण को गोवंश के पेयजल जल स्त्रोतों में नहीं धोए किसान*


*निराश्रित गोवंश सड़कों पर नहीं घूमे इसके लिए शासन चारागाह भूमि को कब्ज़ा मुक्त करवाएं*
सुसनेर,पिड़ावा/15 जुलाई,जनपद सुसनेर में स्थापित विश्व का प्रथम गो अभयारण्य जो विश्व के लोक प्रसिद्ध गो सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित है , गो अभयारण्य प्रबंधन क्षेत्र के सभी किसानों से विनम्र अपील करता है कि अभी क्षेत्र के किसान अपनी सोयाबीन की फसल को खरपतवार से बचाने के खरपतवार नाशक जहरीली दवा छिड़क रहें है ,दवा छिड़कने वाले किसानों से विनम्र प्रार्थना है कि जब आप अपने खेत से दवा छिड़कने के बाद दवा छिड़कने वाले यंत्र को अपने खेत के नजदीक अथवा चरागाह भूमि के नजदीक बने पानी के पोखर जिसमें आपके क्षेत्र का गोवंश पानी पीता है उस पानी में अपने दवा छिड़कने वाले यंत्र को नहीं धोए आपकी छोटी से चूक से आपके क्षेत्र में निराश्रित घूम रहे गोवंश के प्राण जा सकते है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण विगत 14 जुलाई सोमवार को राजस्थान के झालावाड़ जिले की पिड़ावा उपखंड के डोला ग्राम पंचायत के बोरदा गांव में किसान की लापरवाही से 06 गोवंश को अपने प्राण गवाने पड़े और 02 गोवंश को तुरन्त गो अभयारण्य लाया गया और उनके प्राण बचा लिए गए ।
गौरतलब है कि झालावाड़ जिले के पिडावा उपखंड के डोला ग्राम पंचायत के बोरदा गांव में एक किसान से अपने खेत में खरपतवार नाशक जझरीली दवा झिड़ककर अपने खेत के पास लगे चरागाह भूमि में बने पानी के पोखर में दवा छिड़कने वाली मशीन को गोवंश के पीने के पानी से धोया था जिससे उस पोखर का पानी जहरीला हो गया था और उस जहरीले पानी के पीने से 06 गोवंश तो उसी समय अपने प्राण गंवा चुके थे और दो गोवंश जिन्हें क्षेत्र के गौसेवकों के माध्यम से गो अभयारण्य लाया गया और गो अभ्यारण्य के चिकित्सक उन गोवंश के प्राण बचाने में सफल रहें जिसकी सूचना गो अभयारण्य के प्रबंधक एवं ग्वाल सेवा संघ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शिवराज शर्मा ने उपखंड अधिकारी पिड़ावा श्री दिनेश कुमार जी मीणा एवं झालावाड़ जिला कलेक्टर राठौर को सूचना देकर इस प्रकार की पुनरावृति दुबारा न हो इसके लिए झालावाड़ एवं आगर मालवा जिले सहित सम्पूर्ण क्षेत्र के किसानों से विनम्र अपील की इस प्रकार की घटना की पुनरावृति अन्य जगह न हो साथ ही प्रशासन से मांग की अपने खेतों में जहर छिड़कने वाले किसानों को पाबंद करें कि वे दवा छिड़कने के बाद अपने उपकरणों को सार्वजनिक स्थलों पर अथवा चारागाह भूमि पर बने पोखर में अपने उपकरणों को नहीं धोए साथ ही जिन किसानो ने जबरन चारागाह भूमि पर कब्जा किया हुआ है उन्हें क्षेत्र के गोवंश एवं अन्य मवेशियों के चरने के लिए कब्जा मुक्त करवाया जाएं।
चित्र: पिड़ावा उपखंड के डोला ग्राम पंचायत के बोरदा ग्राम में जहरीला पानी पीने से अपना प्राण गवा चुके गोवंश ।

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