NLSIU में उमर खालिद डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग पर ABVP का विरोध
बेंगलुरु के NLSIU में उमर खालिद से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग को लेकर ABVP ने आपत्ति जताई और विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत भेजी

**NLSIU Umar Khalid Documentary:** बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) में उमर खालिद से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर विवाद बढ़ गया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने स्क्रीनिंग का विरोध किया है और विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की है। यह मामला 13 सितंबर 2026 को सामने आया और इसे लेकर कैंपस में राजनीतिक एवं वैचारिक बहस तेज हो गई है।
### ABVP ने जताई आपत्ति
ABVP बेंगलुरु महानगर का आरोप है कि डॉक्यूमेंट्री के जरिए उमर खालिद की छवि को सकारात्मक तरीके से पेश करने और उन्हें महान बताने की कोशिश की जा रही है। संगठन का कहना है कि किसी शैक्षणिक संस्थान के परिसर में ऐसे व्यक्ति से जुड़ी सामग्री की स्क्रीनिंग को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।
ABVP ने इस संबंध में NLSIU प्रशासन को ईमेल के जरिए अपनी आधिकारिक शिकायत भेजने की बात कही है। संगठन का दावा है कि उसकी आपत्ति के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
### पुराने विवादों का किया जिक्र
विरोध के दौरान ABVP ने उमर खालिद से जुड़े पुराने विवादों और आरोपों का भी उल्लेख किया। संगठन ने 2016 के JNU विवाद, अफजल गुरु से जुड़े कार्यक्रम और बाद में दिल्ली दंगों से जुड़े मामले सहित कई घटनाओं का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए।
उमर खालिद 2016 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एक विवादित कार्यक्रम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए थे। उस समय कार्यक्रम को लेकर ABVP समेत विभिन्न छात्र संगठनों ने विरोध किया था और पुलिस कार्रवाई भी हुई थी।
### डॉक्यूमेंट्री को लेकर पहले भी हुई है चर्चा
उमर खालिद पर बनी डॉक्यूमेंट्री **‘Prisoner No. 626710 is Present’** पहले भी अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शित की जा चुकी है। इस डॉक्यूमेंट्री में उनके छात्र जीवन, सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों और गिरफ्तारी के बाद की परिस्थितियों को केंद्र में रखा गया है।
इसी डॉक्यूमेंट्री की प्रस्तावित स्क्रीनिंग को लेकर अब NLSIU में नया विवाद सामने आया है। ABVP का कहना है कि विश्वविद्यालय को ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन में सावधानी बरतनी चाहिए, जबकि डॉक्यूमेंट्री के समर्थक इसे अभिव्यक्ति और विचारों पर चर्चा के संदर्भ में देखते हैं।
### ABVP ने स्क्रीनिंग रद्द करने की मांग की
ABVP बेंगलुरु महानगर के सचिव अभिनंदन मिर्जी ने भी NLSIU प्रशासन के फैसले की आलोचना की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह प्रस्तावित स्क्रीनिंग के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराता रहेगा और प्रशासन से कार्यक्रम को रोकने की मांग करेगा।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब उमर खालिद से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर देश के अलग-अलग विश्वविद्यालय परिसरों में पहले भी विरोध देखने को मिला है। अगस्त 2026 में JNU में उमर खालिद से जुड़े एक कार्यक्रम का ABVP ने विरोध किया था और बाद में वह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया था।
### मामला बना कैंपस में बहस का विषय
NLSIU का मामला अब केवल एक डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रह गया है। इसके जरिए विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक व्यक्तित्वों, विवादित सार्वजनिक मुद्दों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा को लेकर बहस भी तेज हो गई है।
फिलहाल ABVP की मुख्य मांग स्क्रीनिंग को रद्द करने की है। वहीं, मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे क्या फैसला लिया जाता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। विवाद के बीच यह भी महत्वपूर्ण है कि उमर खालिद से जुड़े विभिन्न आरोप और कानूनी मामले न्यायिक प्रक्रिया का विषय रहे हैं, इसलिए किसी भी आरोप को अंतिम रूप से सिद्ध तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जाना चाहिए।

