आगरा में राजनाथ सिंह ने लौटाया चांदी का मुकुट, बोले- समाज को बांटने की कोशिश में नहीं आएंगे
खटीक गर्जना सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सम्मान में पहनाया गया था चांदी का मुकुट, राजनाथ सिंह ने इसे वापस करते हुए सामाजिक एकता का संदेश दिया

**आगरा में राजनाथ सिंह ने लौटाया चांदी का मुकुट, बोले- समाज को बांटने की कोशिश में नहीं आएंगे**
उत्तर प्रदेश के आगरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खटीक समाज गर्जना सम्मेलन में ऐसा संदेश दिया, जिसने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। सम्मेलन में खटीक समाज की ओर से राजनाथ सिंह को सम्मान के तौर पर चांदी का मुकुट पहनाया गया था। सम्मान स्वीकार करने के बाद रक्षा मंत्री ने यह मुकुट अपने पास रखने के बजाय समाज को वापस लौटा दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि इस चांदी के मुकुट को किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी के काम में लगाया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि मुकुट को तुड़वाकर उससे चांदी की पायल बनवाकर किसी जरूरतमंद बेटी को दी जाए। उनके इस कदम और अपील का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद यह चर्चा में आ गया।
### ‘गरीब बेटी के काम आए चांदी का मुकुट’
सम्मेलन में सम्मान के दौरान राजनाथ सिंह को चांदी का मुकुट भेंट किया गया। मुकुट लौटाते हुए उन्होंने कहा कि वह सम्मान स्वीकार करते हैं, लेकिन यह चांदी का मुकुट समाज के ही काम आना चाहिए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यदि किसी गरीब मां-बाप की बेटी शादी के बाद विदा हो रही हो और उसके पैरों में चांदी की पायल न हो, तो इस मुकुट को तुड़वाकर उसके लिए पायल बनवा दी जाए। उनके इस भावुक संदेश पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं।
### समाज को बांटने की कोशिशों से बचने की अपील
राजनाथ सिंह ने सम्मेलन में सामाजिक एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हितों के लिए समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश करते हैं। ऐसे प्रयासों से समाज को सतर्क रहने की जरूरत है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी के बहकावे में न आएं और समाज को बंटने न दें। उनके मुताबिक समाज में प्रेम, सहयोग और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना मजबूत होनी चाहिए।
रक्षा मंत्री ने कहा कि समाज के लोग एकजुट रहेंगे तो उसकी ताकत बढ़ेगी। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि टूटने से समाज बिखरता है, जबकि जुड़ने से वह मजबूत और निखरता है।
### सनातन और धर्म को लेकर क्या बोले राजनाथ सिंह?
राजनाथ सिंह ने सनातन और हिंदू धर्म के संदर्भ में भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो लोग सनातन और हिंदू धर्म को केवल जाति के नजरिए से देखते हैं, वे उसके मूल भाव को पूरी तरह नहीं समझ पाते।
उन्होंने कहा कि व्यवस्था में अलग-अलग लोगों के कर्तव्य अलग हो सकते हैं, लेकिन राष्ट्र और धर्म की रक्षा का साझा दायित्व सभी का है। राजनाथ सिंह ने समाज में आपसी सहयोग और भाईचारे को मजबूत करने की जरूरत बताई।
### खटीक समाज के इतिहास और योगदान का जिक्र
रक्षा मंत्री ने खटीक समाज के इतिहास और योगदान की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि खटीक समाज ने लंबे समय तक संघर्ष और अत्याचार झेले, लेकिन अपनी आस्था और संस्कृति से जुड़ा रहा।
उन्होंने कहा कि इतिहास में खटीक समाज के योगदान को वह स्थान नहीं मिला, जिसका वह हकदार है। राजनाथ सिंह ने समाज के इतिहास को नए सिरे से सामने लाने और उसके योगदान को उचित महत्व देने की जरूरत बताई।
### यूपी के विकास का भी किया जिक्र
सम्मेलन में राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, औद्योगिक परियोजनाओं और शहरी परिवहन के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है।
उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार की भी प्रशंसा की और कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पहचाना जा रहा है। उनके संबोधन में प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे।
### सम्मेलन में कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
खटीक समाज गर्जना सम्मेलन का आयोजन आगरा में किया गया था। कार्यक्रम में खटीक समाज से जुड़े नेताओं और बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, अखिल भारतीय खटीक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उज्जैन के सांसद अनिल फिरोजिया समेत कई अन्य नेता भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
राजनाथ सिंह के चांदी का मुकुट लौटाने और उसे किसी गरीब बेटी के उपयोग में लाने की अपील को सम्मेलन का प्रमुख संदेश माना गया। इसके साथ ही उनके सामाजिक एकता और भाईचारे के आह्वान ने भी कार्यक्रम में खासा ध्यान खींचा।



