80th Independence Day: लाल किले से पीएम मोदी का संदेश, 21 तोपों की सलामी और ‘सप्तधारा’ का संकल्प
PM Modi Leads India’s 80th Independence Day Celebrations at Red Fort

भारत ने 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया। दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया और देश को संबोधित किया। इस वर्ष के समारोह में विकसित भारत@2047, युवा शक्ति और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।
### खास साफे में नजर आए पीएम मोदी
हर साल स्वतंत्रता दिवस पर अपनी खास पगड़ी और साफे को लेकर चर्चा में रहने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार भी अपनी परंपरा जारी रखी। लाल किले पहुंचे प्रधानमंत्री पीले और सफेद रंग के बंधनी पैटर्न वाले साफे में नजर आए। इसके साथ उन्होंने पारंपरिक परिधान पहना था।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री के साफे का रंग और डिजाइन हर वर्ष लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। इस बार भी उनका लुक समारोह के दौरान चर्चा का विषय बना।
### लगातार 13वीं बार लाल किले पर फहराया तिरंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ और पूरे लाल किला परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला।
लगातार 13वीं बार लाल किले पर तिरंगा फहराने के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने लंबे संबोधनों और लगातार ध्वजारोहण की श्रृंखला को आगे बढ़ाया।
### स्वदेशी तोपों से दी गई 21 तोपों की सलामी
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की एक खास बात स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन से दी गई 21 तोपों की सलामी रही। रिपोर्ट के मुताबिक इन स्वदेशी तोपों का इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी किया गया था।
स्वदेशी तोपों से दी गई सलामी को भारत की बढ़ती रक्षा आत्मनिर्भरता और घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता के प्रदर्शन के रूप में भी देखा गया।
### ‘सप्तधारा’ का संकल्प
लाल किले से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सात सूत्रीय सुधारों के एजेंडे की बात कही। प्रधानमंत्री ने इसे ‘सप्तधारा’ के रूप में पेश किया।
पीएम मोदी ने देश के विकास, आत्मनिर्भरता, तकनीक, सुधारों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तेजी से आगे बढ़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की क्षमता है।
### विकसित भारत@2047 और युवा शक्ति पर फोकस
इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘विकसित भारत@2047 के लिए युवा शक्ति’ को प्रमुखता से शामिल किया गया। इसका उद्देश्य देश के विकास में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं की क्षमता, इनोवेशन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने आने वाले वर्षों में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दोहराया।
### वंदे मातरम् के 150 वर्ष बने खास थीम
स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष भी एक प्रमुख विषय रहा। आजादी के आंदोलन में वंदे मातरम् की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए इसे समारोह में विशेष स्थान दिया गया।
लाल किले का पूरा परिसर तिरंगे और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े विशेष प्रतीकों से सजा नजर आया। समारोह में देश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता की झलक भी देखने को मिली।
### ‘देश की ताकत उसके सपनों और संकल्पों में’
80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश के सपनों और संकल्पों की ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति केवल उसके संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके नागरिकों के सपनों, संकल्पों और उन्हें पूरा करने की इच्छाशक्ति में भी होती है।
प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति का जिक्र करते हुए विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए मिलकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कुल मिलाकर 80वें स्वतंत्रता दिवस का लाल किला समारोह परंपरा, देशभक्ति और भविष्य के भारत के संकल्प का संगम रहा। तिरंगा फहराने और 21 तोपों की सलामी से लेकर विकसित भारत@2047, युवा शक्ति और ‘सप्तधारा’ तक, समारोह में भारत की उपलब्धियों के साथ आने वाले वर्षों के लक्ष्यों को भी प्रमुखता से सामने रखा गया।