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पाकिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB ने किए जब्त, मचा विवाद

एजबेस्टन टेस्ट से पहले PCB ने खिलाड़ियों के मोबाइल फोन लिए अपने कब्जे में, मैच फिक्सिंग जांच के बीच निजता पर उठे सवाल

# एजबेस्टन टेस्ट से पहले PCB ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मोबाइल फोन किए जब्त, मचा विवाद

**लंदन:** पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा एक और विवाद में घिर गया है। एजबेस्टन में होने वाले सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने कथित तौर पर टीम के खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद खिलाड़ियों की निजता और एंटी-करप्शन जांच को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

पाकिस्तानी समाचार चैनल **365 News** की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टीम के सदस्यों के मोबाइल फोन PCB को सौंप दिए गए हैं। हालांकि, PCB की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

## मैच फिक्सिंग के संदेह के बीच बढ़ी हलचल

खिलाड़ियों के मोबाइल फोन लिए जाने की खबर ऐसे समय सामने आई है, जब पाकिस्तान टीम का इंग्लैंड दौरा पहले से ही विवादों में रहा है। फोन जब्त किए जाने की कार्रवाई को संभावित एंटी-करप्शन या इंटीग्रिटी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, सिर्फ मोबाइल फोन अपने कब्जे में लिए जाने से यह साबित नहीं होता कि किसी खिलाड़ी के खिलाफ मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। किसी भी आरोप की पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही हो सकती है।

## खिलाड़ियों की निजता पर उठे सवाल

इस घटनाक्रम ने सबसे बड़ा सवाल खिलाड़ियों की निजता को लेकर खड़ा किया है। खास तौर पर यह जानना अहम है कि किसी खिलाड़ी का फोन कितने समय तक अधिकारियों के पास रखा जा सकता है और जांच के दौरान उसमें मौजूद निजी जानकारी तक किस स्तर तक पहुंच बनाई जा सकती है।

क्रिकेट खिलाड़ियों के मोबाइल फोन में निजी बातचीत, तस्वीरें, पारिवारिक जानकारी और अन्य संवेदनशील डेटा हो सकता है। ऐसे में एंटी-करप्शन जांच के दौरान फोन की जांच किस प्रक्रिया के तहत की जाती है, यह भी महत्वपूर्ण सवाल बन गया है।

## ICC के एंटी-करप्शन कोड में क्या है प्रावधान?

हालांकि, **ICC के एंटी-करप्शन कोड** के तहत इंटीग्रिटी जांच के दौरान अधिकृत अधिकारियों को खिलाड़ियों से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और उससे संबंधित जानकारी मांगने का अधिकार दिया गया है। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसी गतिविधियों की जांच करना है।

अगर अधिकारियों को किसी खिलाड़ी या टीम से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो जांच के लिए संबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से जानकारी मांगी जा सकती है। हालांकि, ऐसी कार्रवाई निर्धारित नियमों और जांच प्रक्रिया के तहत ही की जानी चाहिए।

## PCB के आधिकारिक बयान का इंतजार

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर PCB की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सभी खिलाड़ियों के फोन कितने समय के लिए लिए गए हैं और क्या किसी विशेष खिलाड़ी के खिलाफ कोई जांच चल रही है।

एजबेस्टन में होने वाला तीसरा टेस्ट पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे का आखिरी मुकाबला है। ऐसे में मोबाइल फोन जब्त किए जाने की खबर ने टेस्ट मैच से पहले टीम के आसपास की चर्चाओं को और बढ़ा दिया है।

जब तक PCB या ICC की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी जांच या आरोप की पुष्टि नहीं होती, तब तक इस मामले को केवल रिपोर्ट किए गए घटनाक्रम के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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