ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों पुरानी समस्या का समाधान, 65 खातेदार किसानों को मिली बड़ी राहत।
ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों पुरानी समस्या का समाधान, 65 खातेदार किसानों को मिली बड़ी राहत।
ग्रामीण सेवा शिविर में पीढ़ियों से चली आ रही शामलाती कृषि भूमि का हुआ बंटवारा, 65 खातेदार किसानों को मिली राहत
आहोर। राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में तहसील आहोर की ग्राम पंचायत रोडला में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में वर्षों से लंबित शामलाती पैतृक कृषि भूमि के बंटवारे की समस्या का समाधान किया गया। शिविर में कुल 65 खातेदार किसानों को राहत मिली और लंबे समय से चला आ रहा आपसी विवाद समाप्त हुआ।
ग्राम रोडला निवासी पर्वतसिंह पुत्र भंवरसिंह, तेजसिंह पुत्र देवीसिंह, भवानीसिंह पुत्र वालसिंह सहित कुल 65 खातेदार किसानों ने ग्रामीण सेवा शिविर में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि उनकी खातेदारी कृषि भूमि खसरा संख्या 274 से 277 तथा 282 और 283, कुल 12.18 हेक्टेयर, ग्राम रोडला की जमाबंदी में शामलाती दर्ज है।
कृषकों ने बताया कि भूमि में खातेदारों की संख्या अधिक होने तथा राजस्व रिकॉर्ड और मौके पर बंटवारा नहीं होने के कारण वर्षों से आपसी विवाद की स्थिति बनी रहती थी। साथ ही कृषि कार्य एवं भूमि में आवश्यक सुधार करने में भी किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
मामला शिविर में सामने आने पर शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी आहोर रोहित चौहान ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल राजस्व टीम को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद तहसीलदार आहोर, भू-अभिलेख निरीक्षक बंशीलाल एवं पटवारी पुष्पेंद्रसिंह ने मौके पर पहुंचकर किसानों से समझाइश की और आपसी सहमति बनाते हुए तथ्यात्मक रिपोर्ट एवं बंटवारा प्रस्ताव तैयार किया।
जांच रिपोर्ट एवं बंटवारा प्रस्ताव के आधार पर बंटवारा प्रक्रिया पूर्ण कर स्वीकृत की गई। इसके बाद आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित एवं शिविर प्रभारी उपखंड अधिकारी रोहित चौहान ने ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान ही किसानों को बंटवारा पत्र वितरित किए।
पीढ़ियों से चली आ रही शामलाती कृषि भूमि का बंटवारा होने से सभी 65 खातेदार परिवारों को बड़ी राहत मिली। किसानों ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित समस्या का समाधान ग्रामीण सेवा शिविर में कम समय में हो गया है। अब वे अपनी भूमि पर आसानी से कृषि कार्य एवं कृषि सुधार कर सकेंगे।
किसानों ने समस्या के त्वरित समाधान के लिए राजस्व प्रशासन एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।