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गौ अभयारण्य में हर माह की अमावस्या को होगी गो महिमा कथा*- गोपालानंद सरस्वती

गायमाता सभी कामनाओं एवं इच्छा की पूर्ति करती है*

सुसनेर/27 मई, जनपद में मध्यप्रदेश शासन द्वारा स्थापित एवं विश्व के लोक प्रसिद्ध गो सेवा संस्थान श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा द्वारा संचालित विश्व के प्रथम गो अभयारण्य श्रीकामधेनु गो अभयारण्य सालरिया में भगवान शनिदेव के जन्मदिवस ज्येष्ठ अमावस्या के पुण्य पर्व के शुभावसर पर 31 वर्षीय गो पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पदयात्रा के प्रणेता एवं श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के राष्ट्रीय संयोजक ग्वाल सन्त पूज्य स्वामी गोपालानंद सरस्वती जी महाराज ने गोमहिमा के बारे में बताते हुए कहां कि गायमाता पशु नहीं है,बल्कि वह देवताओं की भी देवता है जिसके लिए भगवान राम एवं कृष्ण ने स्वयं धरती पर अवतरण लेकर उनकी सेवा की है क्योंकि इस संसार में शान्ति प्राप्ति केवल सेवा से ही प्राप्त की जा सकती है और इसमें भी सबसे श्रेष्ठ गो सेवा है और हमारे धर्म ग्रंथों एवं पुराणों ने भी भगवान का असली काम गायमाता की सेवा को ही बताया है क्योंकि इस संसार में ऐसा कोई काम नहीं हैं जो गायमाता के बिना पूरा होता हो अर्थात गायमाता मनुष्य के जन्म से लेकर उसके मरण तक और मरने के बाद इहलोक से परलोक तक मनुष्य का कल्याण गोमाता की सेवा से होता है ,यानि जो कोई गायमाता की शरण में आ जाता है उसके सारे दुःख कष्ट दूर हो जाते है ।
स्वामीजी ने आगे बताया कि गायमाता ही एक मात्र ऐसा माध्यम है जिससे पूरे विश्व में शान्ति लाई जा सकती है और रोगों से बचाया जा सकता है और कोरोना जैसी वैश्विक बीमारी का दुष्प्रभाव भी गोमाता ने दूर किया है और अब पुनः देश के अनेक राज्यों से कोरोना महामारी के समाचार आ रहें है लेकिन हमें घबराना नहीं है बल्कि हम सभी को गोमाता की सेवा में और अधिक जुटना होगा क्योंकि आने वाले समय में हमें कोई रोग से बचा सकता है तो वह गोमाता की सेवा ही है ।
स्वामीजी ने आगे बताया कि सनातन समाज का सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली है और दीपावली अमावस्या को ही आती है यानि जिस दिन भगवान राम लंका पर विजय करके अयोध्या पधारे थे यानि अमावस्या के दिन हरि भजन करने से जीवन में राम का प्रवेश हो जाता है और अमावस्या के दिन हरि भजन के साथ गो सेवा हो तो उसका फल कई गुणा बढ़ जाता है इसलिए विश्व के इस गो अभयारण्य में हर माह की अमावस्या को भगवती गोमाता की महिमा एवं गो व्रती महाप्रसादी कार्यक्रम रहता है जिसके आज के कार्यक्रम के मनोरथी राजस्थान के पिडावा तहसील के सरखेड़ी ग्राम के विक्रम सिंह जी परिहार अध्यापक का परिवार रहन और आगामी आषाढ़ अमावस्या के मनोरथी सुसनेर तहसील मैनपुर ग्राम के रोडू सिंह पुत्र तूफ़ान सिंह तंवर के परिवार की और से और श्रावणी अमावस्या के मनोरथी लाल सिंह जी गोशाला अध्यक्ष के सुपुत्र बने सिंह जी सालरिया के परिवार की और से रहेगा जिनका गो अभयारण्य संचालन मंडल के माननीय सदस्यों ने उपरना ओढ़ाकर बहुमान किया और अन्त में सभी गो भक्तों ने गोव्रती महाप्रसादी ग्रहण की ।
स्वामीजी ने सभी गो प्रेमियों को सूचित करते हुए बताया कि विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में आगामी 01 जून 2025 से श्री कामधेनु गुरुकुलम में कक्षा 01 से 08 वीं तक के बालकों की प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होगी जिसके तहत कक्षा 01 से 5 वीं तक निवासीय एवं कक्षा 6 से 8 वीं तक के बालकों के लिए आवासीय गुरुकुल का शुभारंभ मध्यप्रदेश के गो सेवक मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन जी यादव ने अपने 61 वें जन्मदिवस पर शुभारंभ किया है ।
*गो अभयारण्य में 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर 07 जून से*- विश्व के प्रथम गो अभयारण्य में क्षेत्र के बालकों के व्यक्तित्व विकास के लिए आगामी 07 जून से 17 जून 2025 तक 10 दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन होगा जिसमें सूर्या फाउंडेशन दिल्ली के कुशल प्रशिक्षकों द्वारा ट्रैनिंग दी जाएगी ।

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