प्रयागराज में गंगा-यमुना का बढ़ा जलस्तर, संगम क्षेत्र जलमग्न; सड़क पर होने लगा अंतिम संस्कार
प्रयागराज में बाढ़ का असर लगातार गंभीर, संगम का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा; दारागंज में सड़क पर अंतिम संस्कार करने की मजबूरी

प्रयागराज में बाढ़ का कहर: संगम क्षेत्र जलमग्न, सड़क पर अंतिम संस्कार की मजबूरी
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। संगम क्षेत्र का बड़ा हिस्सा पानी में डूब चुका है। बाढ़ का असर अब आसपास के रिहायशी और धार्मिक इलाकों तक भी दिखाई देने लगा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि दारागंज में अंतिम संस्कार के लिए लोगों को सड़क का सहारा लेना पड़ रहा है।
संगम का बड़ा हिस्सा पानी में डूबा
गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर ने पूरे संगम क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। संगम का मैदानी इलाका पूरी तरह जलमग्न हो चुका है। जिस क्षेत्र में कुछ महीने पहले महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी, वहां अब चारों तरफ पानी दिखाई दे रहा है।
संगम के आसपास मौजूद कई रास्तों और खुले क्षेत्रों में पानी भर गया है। बाढ़ के कारण आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार जलस्तर और हालात पर नजर बनाए हुए है।
दारागंज में सड़क पर अंतिम संस्कार
बाढ़ का सबसे दर्दनाक असर दारागंज इलाके में देखने को मिल रहा है। गंगा का पानी बढ़ने से पारंपरिक अंतिम संस्कार स्थल भी प्रभावित हुआ है। इसके चलते लोगों को सड़क किनारे अंतिम संस्कार करने की मजबूरी सामने आई है।
सामान्य दिनों में जहां शवों का अंतिम संस्कार निर्धारित घाटों पर किया जाता है, वहां अब पानी पहुंच जाने के कारण लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है। इससे स्थानीय लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
महाकुंभ की यादों वाले इलाके में बदले हालात
प्रयागराज का संगम क्षेत्र कुछ महीने पहले महाकुंभ के कारण दुनियाभर में चर्चा में था। उस समय यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे और संगम क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां पूरे जोर पर थीं।
लेकिन अब उसी इलाके की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जहां श्रद्धालुओं की भीड़ और मेले की रौनक दिखाई देती थी, वहां बाढ़ का पानी फैल गया है। संगम का मैदानी हिस्सा जलमग्न होने से इलाके में बाढ़ की गंभीरता साफ नजर आ रही है।
लगातार बढ़ रहा नदियों का जलस्तर
गंगा और यमुना दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण प्रयागराज में प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
जलस्तर बढ़ने के साथ ही निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर रख रही हैं और जरूरत के मुताबिक प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां की जा रही हैं।
लोगों की बढ़ी मुश्किलें
बाढ़ का असर केवल संगम क्षेत्र तक सीमित नहीं है। नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रास्तों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रयागराज में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोगों की नजर अब गंगा और यमुना के जलस्तर पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में जलस्तर में और बढ़ोतरी होती है या राहत मिलती है, यह स्थिति पर निर्भर करेगा।

