ओंकारेश्वर में मरीज को ले जा रही सरकारी एंबुलेंस खुद हुई बीमार, प्राइवेट ट्रस्ट की एंबुलेंस में 2000 रुपए का डीज़ल डलवा कर मरीज़ को पहुंचाया खंडवा
प्रदीप ठाकुर की रिपोर्ट 
ओंकारेश्वर
तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। वार्ड क्रमांक 3 निवासी ईश्वर चौहान को सिर में गंभीर चोट लगने पर सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर लाया गया जहां डॉक्टर रवि वर्मा द्वारा मरीज़ की जांच कर प्राथमिक उपचार करके खंडवा रेफर कर दिया गया
मरीज के भाई दीपक चौहान ने बताया कि मेरे भाई को सिर पर चोट लगी थी जिससे हम सिविल अस्पताल ओंकारेश्वर लेकर गए डॉक्टर ने गंभीर चोट होने से खण्डवा जिला अस्पताल ले जाने का लिख दिया।
लेकिन खण्डवा जिला अस्पताल द्वारा ओंकारेश्वर में सेवा दे रही सरकारी एंबुलेंस से 2 किलोमीटर दूर जाने के बाद ही ख़राब हो गई । जिससे हम मरीज़ को लेकर रास्ते में परेशान होते रहे । समाजसेवी नारायण माहिल्या, अमन चौहान, जितेंद्र दांगोड़े, आदि की मदद से ॐ नमः शिवाय ट्रस्ट सामाजिक संस्था में एंबुलेंस भेजने के लिए एंबुलेंस और ड्राइवर तो निःशुल्क भेज दिया लेकिन ट्रस्ट की एंबुलेंस में भी दो हज़ार रुपए का डीज़ल मरीज़ के परिजनों को डलवाना पड़ा तब कही जाकर ट्रस्ट की एंबुलेंस से मरीज़ को खण्डवा जिला अस्पताल ले गए। इसे तीर्थ नगरी की विडंबना कहे या कुछ ओर।
सूत्रों ने बताया एनएचडीसी द्वारा 15 लाख रुपए की एंबुलेंस सिविल अस्पताल को भेंट की गई थी लेकिन अस्पताल प्रबंधन ना तो एंबुलेंस का रख रखाव कर सका और ना ही इसमें ड्राइवर की व्यवस्था कर सका समाजसेवियों के निवेदन पर श्री जी मंदिर ट्रस्ट ओंकारेश्वर ने ड्राईवर की व्यवस्था की तब कही एंबुलेंस का संचालन हो रहा था लेकिन रख रखाव के अभाव में एनएचडीसी द्वारा दी गई एंबुलेंस भी बार-बार खराब हो रही है ऐसी लापरवाही और कहां देखी होगी
सूत्रों के अनुसार, एनएचडीसी द्वारा दी गई एंबुलेंस भारी बारिश के दौरान पानी में डूब जाने के बाद से बार-बार तकनीकी समस्याओं से जूझ रही है। लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिलने पर हमारे संवाददाता ने कलेक्टर ऋषव गुप्ता से दूरभाष पर चर्चा की और ओंकारेश्वर में एंबुलेंस की समस्या से अवगत कराया एवं स्थाई निराकरण करने की मांग की इस पर कलेक्टर ने कहा, “तकनीकी समस्याएं आती रहती हैं, लेकिन हम स्थानीय व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं।”
यह घटना न केवल लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि तीर्थनगरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में मजबूत और सतत आपातकालीन सेवाओं की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
सिविल अस्पताल के डॉक्टर रवि वर्मा ने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी, इसलिए उसे उच्च उपचार हेतु तुरंत खंडवा रेफर किया गया।

