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कलेक्टर ने नर्सिंग ऑफीसर सुनीता सनौडिया को बच्चा वार्ड के प्रभार से हटाया, असंचयी प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि भी रोकी*

*कलेक्टर ने नर्सिंग ऑफीसर सुनीता सनौडिया को बच्चा वार्ड के प्रभार से हटाया, असंचयी प्रभाव से तीन वेतनवृद्धि भी रोकी
*प्रियंका सिंह महदेले एवं शिवानी केवट की भी रूकेगी एक-एक वेतनवृद्धि*
*जिला चिकित्सालय के बच्चा वार्ड में लापरवाही पर हुई कार्रवाई*

रिपोर्टर -एम पी सी जी Sky इंडिया टीवी से एमपी हेड मोहम्मद शमीम अहमद खान की रिपोर्ट

पन्ना कलेक्टर सुरेश कुमार ने गत 16 जुलाई को जिला चिकित्सालय पन्ना के बच्चा वार्ड में भर्ती बच्चे जिशान बेग के उपचार में लापरवाही बरतने पर लापरवाह नर्सिंग ऑफीसर के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की है, जिसके तहत वृहद स्तर पर नर्सिंग आफीसर सुनीता सनौडिया की लापरवाही पाए जाने पर इनको बच्चा वार्ड के प्रभार से पृथक करने के साथ ही आगामी तीन वेतनवृद्धि भी असंचयी प्रभाव से रोकी गई है, जबकि इस प्रकरण में लापरवाही पर नर्सिंग ऑफीसर प्रियंका सिंह महदेले और शिवानी केवट की भी एक-एक वेतनवृद्धि रोकने की कार्यवाही की गई है। जिला कलेक्टर ने समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से यह मामला संज्ञान में आने पर संबंधित के विरूद्ध जांच कर अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए थे। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा इस मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।
जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में उल्लेख है कि बच्चा वार्ड प्रभारी सुनीता सनौडिया द्वारा वार्ड में स्थापित स्टोर में समय-समय पर उपलब्ध दवाईयों का अवलोकन नहीं किया जाता। 16 जुलाई को भी स्टोर से भर्ती बच्चे को दवाईयां निकालते समय समाप्ति तिथि का अवलोकन नहीं किया गया। इससे नर्सिंग ऑफीसर को प्राथमिक जांच के दौरान ही प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके अतिरिक्त 23 जुलाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर नर्सिंग ऑफीसर से जवाब चाहा गया, लेकिन समाधानकारक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया और प्रतिवाद उत्तर व जांच समिति द्वारा पूछे गए प्रश्न में भी भिन्नता पाई गई, जबकि नर्सिंग ऑफीसर का दायित्व था कि बच्चा वार्ड में भर्ती बच्चों को उपचारित करने के लिए दवाईयों और बोतलों का स्वयं अवलोकन कर प्रदान किया जाना था।
जिला कलेक्टर द्वारा उक्त लापरवाही के दृष्टिगत संबंधित के विरूद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 10(5) के तहत क्रमशः 01.07.2026, 01.07.2027 एवं 01.07.2028 की तीन वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के दण्ड से दण्डित किया गया है। इसी क्रम में दायित्वों के निर्वहन में असफल रहने पर नर्सिंग ऑफीसर प्रियंका सिंह महदेले तथा शिवानी केवट की 01.07.2026 की वार्षिक वेतनवृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की कार्यवाही भी की गई है।

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