जंतर-मंतर प्रोटेस्ट मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, गिरफ्तारी को लेकर हिंदू संगठनों का विरोध
संजय आजाद के साथ मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद मामला फिर गरमाया, हिंदूवादी संगठनों ने धाराओं और गिरफ्तारी पर उठाए सवाल।

जंतर-मंतर प्रोटेस्ट मारपीट केस में स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, गिरफ्तारी के बाद फिर गरमाया विवाद
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रोटेस्ट के दौरान हुई मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। इस मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद विवाद और बढ़ गया है। गिरफ्तारी के बाद हिंदूवादी संगठनों से जुड़े लोग भी थाने पहुंचे और केस में लगाई गई धाराओं तथा गिरफ्तारी को गलत बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान संजय आजाद के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप लगाए गए थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और अब आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया है।
स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से पकड़े जाने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
गिरफ्तारी के बाद हिंदू संगठनों का विरोध
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों के कई लोग थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले में लगाई गई धाराओं और गिरफ्तारी को गलत बताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मामले में पुलिस को सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। गिरफ्तारी के विरोध में थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया गया।
स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या दावा किया था?
मामले को लेकर एक इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज ने संजय कुमार की चोटों को लेकर दावा किया था। उन्होंने कहा था कि संजय कुमार को इतनी चोट लगी थी कि उन्हें करीब 60 टांके लगाने पड़े।
स्वतंत्र भारद्वाज ने यह भी सवाल उठाया था कि इतनी गंभीर चोट होने के बावजूद संजय कुमार जेल जाने से बच गए। हालांकि, ये स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा किए गए दावे हैं और मामले में पुलिस जांच तथा अदालत की कार्यवाही अलग-अलग तथ्यों पर आधारित है।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस की ओर से संजय कुमार की चोटों और मामले को लेकर अलग जानकारी सामने आई थी। पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों की जांच के आधार पर कार्रवाई की है।
मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस रिमांड के दौरान घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और आरोपों की जांच की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर भी विवाद
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई है। स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े पुराने बयानों और इंटरव्यू के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विवाद दोबारा तेज हो गया।
एक तरफ उनके समर्थक गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मामले में शिकायत और पुलिस की कार्रवाई को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
आगे क्या होगा?
अदालत की ओर से स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजे जाने के बाद जांच एजेंसी के सामने अब मामले से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की जिम्मेदारी है। पुलिस पूछताछ में घटना के दौरान मौजूद लोगों, मारपीट की परिस्थितियों और आरोपों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जाएगी।
फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और अंतिम रूप से आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।



