सहारनपुर मस्जिद मामले पर साध्वी प्राची का बड़ा बयान
अवैध निर्माण हटाने से लेकर मंदिर-मस्जिद और मदरसा शिक्षा तक, साध्वी प्राची और स्वामी यशवीर ने रखी अपनी बात

# सहारनपुर मस्जिद के नीचे मिला प्राचीन कुआं, साध्वी प्राची बोलीं- खुदाई में शिव मिले तो हमारे, शव मिले तो तुम्हारे
**सहारनपुर:** उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में न्यायालय के आदेश के बाद हटाई गई मस्जिद को लेकर विवाद और बयानबाजी तेज हो गई है। मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद मलबा हटाने के दौरान परिसर में एक प्राचीन कुआं मिलने के बाद हिंदू संगठनों की ओर से यहां प्राचीन मंदिर होने के दावे किए जा रहे हैं। इसी मामले को लेकर हिंदूवादी नेत्री साध्वी प्राची ने भी प्रतिक्रिया दी है।
साध्वी प्राची ने ध्वस्तीकरण स्थल की खुदाई कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जहां भी खुदाई होती है, वहां शिव मिलते हैं। इसी दौरान उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर खुदाई में शव मिलते हैं तो वे दूसरे पक्ष के होंगे और अगर शिव मिलते हैं तो हमारे होंगे। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर सियासी और सामाजिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
## अवैध निर्माण हटाने पर क्या बोलीं साध्वी प्राची?
साध्वी प्राची ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर से मस्जिद को प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए हटाया है। उनके मुताबिक, जब कार्रवाई अदालत के आदेश के तहत हुई है तो इस मामले को लेकर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा। साध्वी प्राची का कहना है कि न्यायालय के आदेश के तहत हुई कार्रवाई का विरोध करने वाले लोग अदालत के सम्मान को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं।
## प्राचीन कुएं के बाद मंदिर का दावा
मस्जिद हटाए जाने के बाद मलबे के नीचे करीब 20 फीट गहरा प्राचीन कुआं मिलने की बात सामने आई है। कुएं के मिलने के बाद हिंदू संगठनों और कुछ हिंदूवादी नेताओं की ओर से यहां पुराने मंदिर से जुड़े अवशेष होने की आशंका जताई जा रही है।
मुजफ्फरनगर के स्वामी यशवीर महाराज ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि इस कार्रवाई से मुस्लिम समाज को पीड़ा हो रही है तो उन्हें मुगल शासन के उस दौर को भी याद करना चाहिए, जब मंदिरों को तोड़े जाने के दावे किए जाते हैं।
स्वामी यशवीर ने कुएं के मिलने को इस स्थान पर प्राचीन मंदिर होने के दावे से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। हालांकि, मौके पर मिले कुएं की वास्तविक उम्र और ऐतिहासिक महत्व की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
## ASI से जांच और वैज्ञानिक सर्वे की मांग
कलेक्ट्रेट परिसर में कुआं मिलने के बाद मामले की ऐतिहासिक जांच की मांग भी उठ रही है। बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI की टीम बुलाकर कुएं की उम्र और ऐतिहासिक स्थिति की जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही पूरे परिसर का वैज्ञानिक सर्वे और वीडियोग्राफी कराने की बात भी कही गई है।
विकास त्यागी का कहना है कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं में कुएं का विशेष महत्व है और इस वजह से इसकी ऐतिहासिक स्थिति की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि जांच के बाद ही इस जगह के इतिहास से जुड़ी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
## विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल से पहले बढ़ी हलचल
मस्जिद हटाए जाने के बाद सहारनपुर में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल सहारनपुर जाने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले कई नेताओं को पुलिस ने नजरबंद भी किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने मस्जिद हटाने की कार्रवाई को राजनीतिक बहस का मुद्दा बना दिया है। एक तरफ हिंदूवादी संगठन न्यायालय के आदेश के तहत हुई कार्रवाई और कुएं की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इस मामले को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।
## मदरसा शिक्षा और अपराध पर भी साध्वी प्राची की टिप्पणी
साध्वी प्राची ने मुजफ्फरनगर में जन्माष्टमी की रात एक नाबालिग युवती के अपहरण और बलात्कार की घटना को भी बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने इस घटना को लेकर मदरसों की शिक्षा पर विवादित टिप्पणी की और अपने आरोपों के जरिए मदरसा शिक्षा व्यवस्था को निशाने पर लिया।
हालांकि, इस तरह के आरोपों को साध्वी प्राची के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। किसी अपराध को किसी विशेष समुदाय या शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने से पहले संबंधित मामले की जांच और आधिकारिक तथ्यों को देखना जरूरी है।
## जांच के बाद साफ होगी कुएं की वास्तविक स्थिति
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मिला कुआं अब इस पूरे विवाद का अहम केंद्र बन गया है। हिंदू संगठनों की ओर से इसके ऐतिहासिक महत्व और संभावित मंदिर से संबंध की जांच की मांग की जा रही है। वहीं, इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष वैज्ञानिक और पुरातात्विक जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
फिलहाल सहारनपुर में मस्जिद हटाने की कार्रवाई, प्राचीन कुएं की बरामदगी और उसके बाद सामने आए बयानों को लेकर राजनीतिक माहौल गरम है। प्रशासनिक और पुरातात्विक जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कुएं की वास्तविक उम्र क्या है और उसका इस परिसर के इतिहास से कोई संबंध है या नहीं।


