श्रेया उपाध्याय हत्याकांड: ढाई हफ्ते बाद मुठभेड़ में मुख्य आरोपी विवेक चौबे गिरफ्तार
ढाई हफ्ते से फरार चल रहे विवेक चौबे को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोचा, पूछताछ में श्रेया की हत्या की वजह का हुआ खुलासा

श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में मुख्य आरोपी विवेक चौबे गिरफ्तार, मुठभेड़ में पैर में लगी गोली
वाराणसी: चर्चित श्रेया उपाध्याय हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। घटना के करीब ढाई हफ्ते बाद पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी और श्रेया के प्रेमी बताए जा रहे विवेक चौबे उर्फ निखिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जक्खिनी भेजा गया। उसके कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
18 अगस्त को कॉलेज के लिए निकली थी श्रेया
श्रेया उपाध्याय वाराणसी के राजातालाब क्षेत्र के मरुई-जमुनी गांव निवासी सुनील उपाध्याय की इकलौती बेटी थी। वह जगतपुर पीजी कॉलेज में एमएससी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। 18 अगस्त को श्रेया घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी।
परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान पुलिस ने श्रेया के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया। मोबाइल की आखिरी लोकेशन बच्छांव स्थित मालवीय इंटर कॉलेज के पास मिली। इसी दौरान श्रेया की मां और उसके चचेरे भाई को पता चला कि चोलापुर निवासी विवेक चौबे, जिससे श्रेया का परिचय था, वह भी गायब है।
बंद कमरे के बाथरूम में मिला शव
जांच के दौरान विवेक के ननिहाल, मिर्जापुर के सीखड़ गांव स्थित उसके मामा के घर से एक बैग मिला। उसमें बच्छांव स्थित कमरे की चाबी थी। इस चाबी के आधार पर श्रेया की मां उस कमरे तक पहुंचीं।
कमरा खोलने पर अंदर बने बाथरूम में श्रेया का शव मिला। पुलिस के अनुसार शव काफी खराब हालत में था। परिजनों ने आरोप लगाया कि विवेक ने श्रेया की हत्या कर शव को बाथरूम में छिपा दिया और इसके बाद फरार हो गया। परिजनों के मुताबिक, श्रेया का रिश्ता किसी अन्य युवक से तय होने के बाद यह हत्या की गई।
22 लाख रुपये के लालच में दोस्त भी बना था साथी
शुरुआत में पुलिस इस मामले को प्रेम-प्रसंग से जोड़कर जांच कर रही थी। जांच आगे बढ़ने पर विवेक के दोस्त पुनीत मिश्रा की भूमिका भी सामने आई। पुलिस ने पुनीत को भी मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद 24 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, पुनीत मिश्रा ने 22 लाख रुपये के लालच में विवेक के साथ मिलकर श्रेया की हत्या में सहयोग किया था। इसके बाद वह फरार हो गया था। मामले में पुलिस ने 27 अगस्त को विवेक के पिता रामसहाय चौबे को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग
सोमवार सुबह राजातालाब थाने की गठित पुलिस टीम वांछित आरोपियों की तलाश और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़ा आरोपी जगतदेवपुर की ओर से कहीं जा रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जगतदेवपुर के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर पैदल भागने लगा। पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी।
पुलिस के मुताबिक, आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होने के बाद वह मौके पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान विवेक चौबे पुत्र राम सहाय चौबे, निवासी नियार डीह, थाना चोलापुर, वाराणसी के रूप में हुई।
पूछताछ में विवेक ने बताई हत्या की वजह
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने विवेक चौबे से पूछताछ की। ADCP गोमती नृपेन्द्र के मुताबिक, पूछताछ में विवेक उर्फ निखिल ने बताया कि श्रेया की शादी कहीं और तय होने से वह नाराज था। इसी वजह से उसने अपने साथी पुनीत मिश्रा के साथ मिलकर हत्या की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारी और अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की विवेचना की जा रही है।
श्रेया हत्याकांड में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश कैसे तैयार की गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।



