श्रीलंका दौरे के 48 घंटे बाद ही फिटनेस टेस्ट, पंत-जडेजा समेत इन खिलाड़ियों ने बहाया पसीना
श्रीलंका दौरे के खत्म होने के 48 घंटे के भीतर टीम इंडिया के कई खिलाड़ी बेंगलुरु स्थित BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे, जहां प्री-सीजन फिटनेस टेस्ट कराया गया। ब्रोंको टेस्ट, यो-यो टेस्ट और 2 किमी रन खिलाड़ियों के फिटनेस असेसमेंट का हिस्सा रहे।

श्रीलंका दौरे के 48 घंटे बाद ही फिटनेस टेस्ट में जुटी टीम इंडिया, पंत-जडेजा समेत कई खिलाड़ियों ने बहाया पसीना
श्रीलंका दौरे की थकान अभी उतरी भी नहीं थी कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों को अगले मिशन की तैयारी में जुटना पड़ा। दो टेस्ट मैचों की सीरीज खत्म होने के महज 48 घंटे के भीतर ही सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में शामिल कई भारतीय खिलाड़ी बेंगलुरु स्थित BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) पहुंच गए। यहां नए सीजन से पहले खिलाड़ियों का अनिवार्य प्री-सीजन फिटनेस टेस्ट कराया गया।
भारतीय टीम का आने वाला क्रिकेट सीजन काफी व्यस्त रहने वाला है। घरेलू क्रिकेट के साथ अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और अलग-अलग फॉर्मेट में लगातार खेलने की चुनौती को देखते हुए खिलाड़ियों की फिटनेस पर खास ध्यान दिया जा रहा है। इसी वजह से BCCI ने खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर का आकलन करने के लिए कई तरह के टेस्ट और ड्रिल्स कराईं।
पंत, जडेजा और जायसवाल समेत कई खिलाड़ी पहुंचे
श्रीलंका दौरे का हिस्सा रहे रवींद्र जडेजा, ऋषभ पंत और यशस्वी जायसवाल फिटनेस असेसमेंट के लिए BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे। उनके अलावा टी20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर भी टेस्ट में शामिल हुए।
रिंकू सिंह, संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ ने भी फिटनेस टेस्ट दिया। खिलाड़ियों की जांच केवल सामान्य फिटनेस तक सीमित नहीं थी, बल्कि मैच के दौरान तेज गति और लगातार मेहनत करने की क्षमता को भी परखा गया।
ब्रोंको टेस्ट रहा खास आकर्षण
इस फिटनेस टेस्ट में ब्रोंको टेस्ट खास आकर्षण रहा। इसमें खिलाड़ियों को 0, 20, 40 और 60 मीटर के बीच लगातार शटल रन करना होता है। पांच सेट पूरे करने पर खिलाड़ी कुल 1200 मीटर की दूरी तय करते हैं और इसे 5 मिनट 30 सेकंड के भीतर पूरा करना जरूरी है।
इसके अलावा खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर की दौड़ 10 मिनट के अंदर पूरी करनी होती है। यो-यो टेस्ट भी फिटनेस असेसमेंट का हिस्सा रहा, जिसमें निर्धारित मानक 16.5 रखा गया है।
क्रिकेट से जुड़ी फिटनेस भी जांची गई
फिटनेस टेस्ट में केवल दौड़ और कार्डियो क्षमता पर ही ध्यान नहीं दिया गया। खिलाड़ियों से विकेटों के बीच तेज दौड़, स्पीड, एजिलिटी और हाई-इंटेंसिटी ड्रिल्स भी कराई गईं।
इन अभ्यासों का मकसद यह पता लगाना था कि खिलाड़ी वास्तविक मैच परिस्थितियों में कितनी तेजी से मूव कर सकते हैं और लगातार हाई-इंटेंसिटी गतिविधियों को कितनी देर तक संभाल सकते हैं।
बुमराह-पंड्या को लेकर क्या अपडेट?
कुछ बड़े खिलाड़ियों ने फिटनेस टेस्ट के शुरुआती चरण में हिस्सा नहीं लिया। जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या और नीतीश कुमार रेड्डी फिलहाल रिहैबिलिटेशन में हैं। मेडिकल टीम से मंजूरी मिलने के बाद ही उनके फिटनेस असेसमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वहीं, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा को फिलहाल अस्थायी छूट दी गई है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में दोनों तेज गेंदबाजों ने काफी गेंदबाजी की थी। इसी वजह से उनके हालिया वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए उन्हें शुरुआती फिटनेस टेस्ट से राहत दी गई है।
प्रिंस यादव के लिए अच्छी खबर
इंग्लैंड दौरे के दौरान हैमस्ट्रिंग की समस्या से परेशान रहे तेज गेंदबाज प्रिंस यादव के लिए राहत की खबर सामने आई है। वह चोट से उबर चुके हैं और मेडिकल क्लियरेंस मिलने के बाद अब चयन के लिए उपलब्ध हैं।
आने वाले लंबे क्रिकेट सीजन को देखते हुए भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी विभाग पर काफी दबाव रहने की उम्मीद है। ऐसे में प्रिंस की फिटनेस टीम इंडिया के लिए अहम हो सकती है।
लंबे सीजन के लिए तैयार हो रही टीम इंडिया
कोलंबो टेस्ट के बाद खिलाड़ियों को इतनी जल्दी फिटनेस मोड में लाने का फैसला बताता है कि भारतीय टीम आने वाले मुकाबलों को लेकर कितनी गंभीर है। अगले कई महीनों में खिलाड़ियों को अलग-अलग फॉर्मेट और प्रतियोगिताओं में लगातार खेलना है। ऐसे में फिटनेस टीम और BCCI के लिए खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता, रिकवरी और वर्कलोड मैनेजमेंट महत्वपूर्ण रहने वाला है।
श्रीलंका दौरे के तुरंत बाद हुए इस फिटनेस असेसमेंट के जरिए टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ियों की मौजूदा फिटनेस स्थिति का अंदाजा भी मिलेगा। पंत, जडेजा, जायसवाल और अन्य खिलाड़ियों की मौजूदगी ने इस टेस्ट को और खास बना दिया।

