राहुल गांधी का कांग्रेस में ‘जनरेशन चेंज’ प्लान, राष्ट्रीय सचिव पद के लिए 30 नेताओं का इंटरव्यू
कांग्रेस संगठन में नई नियुक्तियों के लिए अब राजनीतिक वरिष्ठता के बजाय काम का रिकॉर्ड और जमीनी सक्रियता अहम कसौटी होगी. राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने राष्ट्रीय सचिव पद के लिए 30 नेताओं के इंटरव्यू शुरू किए हैं.

# राहुल गांधी का कांग्रेस में ‘जनरेशन चेंज’ प्लान, 30 नेताओं के इंटरव्यू से नई टीम की तैयारी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस संगठन को नए सिरे से तैयार करने और पार्टी में युवाओं को आगे लाने की कवायद तेज कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में नई नियुक्तियों के लिए अब सिर्फ राजनीतिक वरिष्ठता को प्राथमिकता देने के बजाय काम के रिकॉर्ड, जमीनी सक्रियता और नेताओं की प्रोफाइल को अहम कसौटी माना जा रहा है।
इसी कड़ी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने सोमवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पद के लिए 30 नेताओं का इंटरव्यू लिया। नेताओं का इंटरव्यू 10-10 के समूह में किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के जरिए पार्टी संगठन में नई पीढ़ी के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की तैयारी मानी जा रही है।
## राष्ट्रीय सचिव पद के लिए इंटरव्यू
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पद के लिए चयन प्रक्रिया में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी खुद नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इंटरव्यू के दौरान नेताओं के पुराने कामकाज, संगठन में उनकी सक्रियता और प्रोफाइल से जुड़े पहलुओं पर सवाल किए जा रहे हैं।
इस प्रक्रिया का मकसद ऐसे नेताओं की पहचान करना है, जो संगठन के स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा सकें और पार्टी के कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में प्रभावी साबित हों।
## वरिष्ठता के बजाय काम पर जोर
कांग्रेस संगठन में राष्ट्रीय स्तर के पदों पर नियुक्ति को लेकर पार्टी की कार्यशैली में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब केवल लंबे राजनीतिक अनुभव या वरिष्ठता के आधार पर जिम्मेदारी देने के बजाय नेताओं के काम के रिकॉर्ड और जमीनी सक्रियता को अधिक महत्व देने की कोशिश की जा रही है।
इस बदलाव को कांग्रेस में नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी की कोशिश ऐसे युवाओं को आगे लाने की है, जो अलग-अलग राज्यों और समाज के विभिन्न वर्गों से आते हैं।
## राहुल गांधी का ‘जनरेशन चेंज’ पर फोकस
राहुल गांधी ने 2004 में राजनीति में कदम रखा था। इसके बाद से कांग्रेस के कायाकल्प और संगठन में पीढ़ीगत बदलाव का मुद्दा उनके राजनीतिक एजेंडे में प्रमुख रहा है। अब राष्ट्रीय संगठन में नई टीम तैयार करने की प्रक्रिया को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कांग्रेस का प्लान देश के अलग-अलग हिस्सों और समाज के विभिन्न वर्गों से आने वाले युवाओं को संगठन में मौका देने का है। इसके जरिए एक ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश है, जिसमें क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ जमीनी सक्रियता को भी जगह मिले।
## युवाओं को फ्रंटफुट पर लाने की तैयारी
कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और नई पीढ़ी को पार्टी से जोड़ने की चुनौती है। ऐसे में राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को जिम्मेदारी देने की रणनीति पार्टी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
राष्ट्रीय सचिव जैसे पदों पर नए चेहरों को मौका मिलने से पार्टी के राज्यों और जमीनी संगठन में भी नई ऊर्जा आने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि अंतिम नियुक्तियां और जिम्मेदारियां तय होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।
## नई टीम के जरिए संगठन मजबूत करने की कोशिश
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी द्वारा नेताओं के इंटरव्यू लिए जाने को कांग्रेस में नई लीडरशिप तैयार करने की प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी की कोशिश ऐसे नेताओं को आगे बढ़ाने की है, जिनका संगठन में सक्रिय योगदान रहा हो और जो जनता के बीच लगातार काम करते रहे हों।
आने वाले समय में कांग्रेस संगठन में होने वाली नियुक्तियां यह संकेत देंगी कि पार्टी अपने नेतृत्व ढांचे में किस तरह का बदलाव करना चाहती है। फिलहाल 30 नेताओं के इंटरव्यू और चयन प्रक्रिया से यह स्पष्ट है कि कांग्रेस में नई पीढ़ी को अधिक जिम्मेदारी देने की दिशा में काम शुरू हो चुका है।



