योगी के बड़े निर्देश: सर्वोदय विद्यालयों में सुधार से छात्रवृत्ति तक, जानें क्या बदलेगा
Sarvodaya Vidyalayon ke sanchalan ke liye banegi spasht niyamavali, khaali shikshak pad bharne ke nirdesh; vanchit vidyarthiyon ko 2 October tak scholarship dene ko kaha.

# योगी के बड़े निर्देश: सर्वोदय विद्यालयों के संचालन में बदलाव, छात्रवृत्ति और पेंशन पर भी फोकस
**लखनऊ।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के व्यवस्थित संचालन में बड़े बदलाव की जरूरत बताई है। बृहस्पतिवार को समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विद्यालयों से जुड़ी स्पष्ट नियमावली तैयार करने, शिक्षकों के खाली पदों पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ाने और आवासीय विद्यालयों के प्रबंधन व संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए सोसाइटी के गठन के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में 93 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित थे। वर्ष 2025-26 तक इनकी संख्या बढ़कर 103 हो गई है। इनमें 59 विद्यालय सीबीएसई और 44 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों को जल्द भरा जाए। साथ ही विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने आवासीय विद्यालयों के प्रबंधन और संचालन में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बैठक में समाज कल्याण विभाग के मंत्री असीम अरुण भी मौजूद रहे।
## अभ्युदय योजना की पहुंच बढ़ाने पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने और योजना का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि अभ्युदय योजना प्रदेश में 163 केंद्रों के माध्यम से संचालित की जा रही है। इन केंद्रों पर 1,783 इम्पैनल्ड शिक्षक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। यूपीएससी, पीसीएस, नीट, जेईई, एनडीए और सीडीएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कुल 23,801 विद्यार्थी पंजीकृत हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिलना चाहिए। इसके लिए योजना की पहुंच को और व्यापक बनाने के साथ-साथ शिक्षण व्यवस्था को भी मजबूत किया जाए।
## वंचित विद्यार्थियों को तत्काल मिले छात्रवृत्ति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रवृत्ति योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को छात्रवृत्ति का लाभ समय से मिलना चाहिए। छात्रवृत्ति से कोई पात्र विद्यार्थी वंचित न रहे, इसके लिए अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वंचित विद्यार्थियों के लिए आवेदन पोर्टल तत्काल खोला जाए। उन्होंने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की धनराशि हर हाल में **दो अक्टूबर तक** अंतरित कर दी जाए।
उन्होंने अधिकारियों से छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने को कहा, ताकि पात्र विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
## वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन में न हो देरी
मुख्यमंत्री ने वृद्धावस्था पेंशन योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेंशन के लिए पात्र लेकिन अब तक लाभ से वंचित वृद्धों के आवेदनों का जल्द सत्यापन कराया जाए और उन्हें पेंशन का लाभ दिलाया जाए।
सीएम ने कहा कि वृद्ध लोगों को पेंशन के लिए अनावश्यक रूप से इंतजार न करना पड़े। आवेदन के सत्यापन से लेकर पेंशन की स्वीकृति तक पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभार्थियों की पहचान और उनके आवेदनों के सत्यापन में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक समय से पहुंचना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया कि समाज कल्याण विभाग से जुड़ी योजनाओं और संस्थानों के संचालन में पारदर्शिता, बेहतर प्रबंधन और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। सर्वोदय विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता से लेकर छात्रवृत्ति और वृद्धावस्था पेंशन तक, पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।


