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मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026: बेटियों को मिलेंगे 25 हजार रुपये, जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और सभी 6 किस्तों की जानकारी

उत्तर प्रदेश सरकार की कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को जन्म से उच्च शिक्षा तक छह चरणों में मिलती है 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता, जानिए कौन उठा सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन।

# मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026: बेटियों को मिलेंगे 25 हजार रुपये, जानें पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और सभी 6 किस्तों की जानकारी

**उपशीर्षक:** उत्तर प्रदेश सरकार की कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बेटियों को जन्म से उच्च शिक्षा तक छह चरणों में मिलती है 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता, जानिए कौन उठा सकता है लाभ और कैसे करें आवेदन।

**रिपोर्ट: डिजिटल डेस्क, लखनऊ**

**लखनऊ, 22 अक्टूबर 2026।** उत्तर प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना संचालित कर रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक विभिन्न चरणों में कुल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित इस योजना का लाभ प्रदेश के पात्र परिवार उठा सकते हैं। योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भेजी जाती है।

वित्त वर्ष 2024-25 से योजना की कुल सहायता राशि बढ़ाकर 25,000 रुपये की गई थी। इससे पहले योजना में 15,000 रुपये की सहायता का प्रावधान था।

## क्या है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना?

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है, जिसका संचालन महिला कल्याण विभाग के माध्यम से किया जाता है।

यह योजना 1 अप्रैल 2019 से प्रभावी है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनके स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार करना तथा समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।

इस योजना को सशर्त नकद हस्तांतरण योजना भी कहा जाता है। इसका अर्थ है कि बालिका के जीवन में निर्धारित शैक्षणिक और स्वास्थ्य संबंधी चरण पूरे होने पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के तहत मिलने वाली धनराशि एक साथ नहीं दी जाती, बल्कि छह अलग-अलग चरणों में उपलब्ध कराई जाती है।

## छह चरणों में मिलते हैं कुल 25,000 रुपये

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बालिकाओं को निम्नलिखित चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

| चरण | सहायता मिलने की स्थिति | राशि |
|—|—|—|
| पहला | बालिका के जन्म पर | ₹5,000 |
| दूसरा | एक वर्ष के भीतर निर्धारित टीकाकरण पूरा होने पर | ₹2,000 |
| तीसरा | कक्षा एक में प्रवेश लेने पर | ₹3,000 |
| चौथा | कक्षा छह में प्रवेश लेने पर | ₹3,000 |
| पांचवां | कक्षा नौ में प्रवेश लेने पर | ₹5,000 |
| छठा | 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद पात्र डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर | ₹7,000 |
| **कुल** | **सभी छह चरण पूरे होने पर** | **₹25,000** |

इस प्रकार योजना के सभी निर्धारित चरण पूरे करने वाली पात्र बालिका को कुल 25,000 रुपये की सहायता मिल सकती है।

हालांकि, प्रत्येक चरण की राशि प्राप्त करने के लिए संबंधित पात्रता और दस्तावेजी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

## किन परिवारों की बेटियों को मिलेगा योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं।

**प्रमुख पात्रता शर्तें:**

1. लाभार्थी परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
2. परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
3. सामान्य परिस्थितियों में एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को योजना का लाभ दिया जाता है।
4. परिवार में अधिकतम दो बच्चे होने की शर्त लागू होती है, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट का प्रावधान है।
5. जुड़वां बेटियों के जन्म और गोद ली गई बालिकाओं से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों के अनुसार पात्रता तय की जाती है।
6. प्रत्येक किस्त के लिए बालिका को संबंधित चरण की शर्तें पूरी करनी होंगी।

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार को सही जानकारी और आवश्यक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने होते हैं।

## जुड़वां बेटियों के लिए क्या हैं नियम?

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में जुड़वां बच्चों के जन्म जैसी विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अलग प्रावधान किए गए हैं।

यदि किसी परिवार में दूसरे प्रसव के दौरान जुड़वां बेटियों का जन्म होता है, तो निर्धारित शर्तों के अंतर्गत तीन बेटियों तक योजना का लाभ मिल सकता है।

इसी प्रकार गोद ली गई बालिकाओं से जुड़े मामलों में भी योजना के नियमों के अनुसार पात्रता निर्धारित की जाती है।

ऐसे मामलों में आवेदन करने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्रता की पुष्टि करना आवश्यक है।

## आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में आवेदन करने के लिए परिवार को कुछ आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होते हैं।

इनमें सामान्यतः निम्नलिखित दस्तावेज शामिल हो सकते हैं:

– बालिका का जन्म प्रमाणपत्र।
– माता-पिता या अभिभावक का आधार कार्ड।
– उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण।
– परिवार का आय प्रमाणपत्र।
– बैंक खाते का विवरण।
– निर्धारित चरण के अनुसार टीकाकरण प्रमाणपत्र।
– विद्यालय में प्रवेश का प्रमाणपत्र।
– आवश्यकतानुसार शैक्षणिक प्रमाणपत्र।
– सक्रिय मोबाइल नंबर।
– अन्य संबंधित दस्तावेज, यदि आवेदन के दौरान मांगे जाएं।

निवास प्रमाण के लिए राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, बिजली बिल या अन्य मान्य दस्तावेजों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार किया जा सकता है।

आवेदन करते समय सभी जानकारी सही भरना जरूरी है, ताकि सत्यापन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।

## मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र परिवार आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

**ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:**

**पहला चरण:** मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।

**दूसरा चरण:** होम पेज पर उपलब्ध सिटीजन सर्विसेज या नागरिक सेवा विकल्प का चयन करें।

**तीसरा चरण:** नए आवेदक के रूप में पंजीकरण करें और आवश्यक जानकारी भरें।

**चौथा चरण:** मोबाइल नंबर के सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करें।

**पांचवां चरण:** लॉगिन करने के बाद बालिका और परिवार से संबंधित जानकारी दर्ज करें।

**छठा चरण:** आवेदन की संबंधित श्रेणी का चयन करें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

**सातवां चरण:** सभी विवरण जांचने के बाद आवेदन जमा करें।

**आठवां चरण:** आवेदन संख्या या पंजीकरण विवरण सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में आवेदन की स्थिति देखी जा सके।

आवेदन प्रक्रिया के दौरान पोर्टल पर दिए गए नवीनतम निर्देशों का पालन करना चाहिए।

## आवेदन की स्थिति कैसे जांचें?

जिन परिवारों ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में आवेदन किया है, वे आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन की स्थिति देख सकते हैं।

इसके लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर या निर्धारित लॉगिन विवरण की आवश्यकता हो सकती है।

आवेदन की जांच के दौरान संबंधित विभाग दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन करता है।

सत्यापन पूरा होने और आवेदन स्वीकृत होने के बाद संबंधित चरण की सहायता राशि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी की जाती है।

यदि आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो आवेदक को आवश्यक सुधार या दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं।

## बैंक खाते में कैसे पहुंचती है सहायता राशि?

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत सहायता राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी प्रणाली के माध्यम से प्रदान की जाती है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी सहायता को पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना है।

आवेदन के दौरान बैंक खाते की सही जानकारी देना महत्वपूर्ण है।

बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और संबंधित योजना की डीबीटी आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए।

यदि बैंक खाते की जानकारी गलत है या दस्तावेजों में अंतर है, तो भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

इसलिए आवेदन जमा करने से पहले बैंक विवरण और अन्य जानकारी का मिलान करना आवश्यक है।

## बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना योजना का प्रमुख उद्देश्य

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।

कई आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों में शिक्षा से जुड़े खर्च एक बड़ी चुनौती होते हैं।

ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता मिलने से बेटियों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है।

योजना में कक्षा एक, छह और नौ में प्रवेश पर आर्थिक सहायता का प्रावधान रखा गया है।

इसके अलावा उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने पर भी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इससे परिवारों को बेटियों की पढ़ाई के विभिन्न चरणों में आर्थिक सहयोग मिलता है।

## बालिकाओं के स्वास्थ्य और टीकाकरण पर भी विशेष ध्यान

योजना में बालिकाओं के स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता दी गई है।

बालिका के जन्म और निर्धारित टीकाकरण पूरा होने पर आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।

इसका उद्देश्य परिवारों को बालिकाओं के स्वास्थ्य और समय पर टीकाकरण के प्रति जागरूक बनाना है।

नियमित टीकाकरण बच्चों को कई गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े चरणों पर आर्थिक सहायता देकर सरकार बालिकाओं के समग्र विकास को प्रोत्साहित करना चाहती है।

## आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिल सकती है राहत

उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में परिवार ऐसे हैं, जिनके लिए बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण होता है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना ऐसे पात्र परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास है।

योजना के माध्यम से जन्म, टीकाकरण, विद्यालय प्रवेश और उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण चरणों में सहायता मिलती है।

हालांकि, 25,000 रुपये की पूरी राशि एक साथ नहीं मिलती और न ही प्रत्येक आवेदक को सभी चरणों की धनराशि स्वतः प्राप्त होती है।

लाभ संबंधित चरण की पात्रता, आवेदन और स्वीकृति पर निर्भर करता है।

## महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना को महिला सशक्तीकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल किया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि बेटियों के जन्म और शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है।

बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से भविष्य में उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देने वाली ऐसी योजनाएं सामाजिक विकास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

## आवेदन करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में आवेदन करने वाले परिवारों को कुछ आवश्यक बातों का ध्यान रखना चाहिए।

सबसे पहले परिवार की आय, निवास और बच्चों की संख्या से संबंधित पात्रता शर्तों की जांच करें।

इसके बाद बालिका के जन्म प्रमाणपत्र, बैंक खाते और संबंधित शैक्षणिक दस्तावेजों की जानकारी सही तरीके से दर्ज करें।

किसी भी व्यक्ति को योजना में आवेदन कराने के नाम पर अनावश्यक भुगतान करने से बचें।

आवेदन के लिए सरकारी पोर्टल और अधिकृत सहायता व्यवस्था का ही उपयोग करें।

साथ ही यह भी ध्यान रखें कि योजना के नियमों और आवेदन प्रक्रिया में समय-समय पर बदलाव संभव हैं। इसलिए आवेदन से पहले नवीनतम सरकारी दिशा-निर्देश अवश्य देखें।

## निष्कर्ष: बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग

उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल है।

इस योजना के तहत पात्र बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में कुल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है।

**मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026 के अंतर्गत पात्र परिवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।** सही दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने से बेटियों को विभिन्न शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य संबंधी चरणों में सरकारी सहायता प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।

यह योजना बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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