
# पंजाब में NDA की सरकार बनेगी, अमित शाह का बड़ा दावा; AAP और कांग्रेस पर साधा निशाना
**उपशीर्षक:** पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान, आम आदमी पार्टी की हार का किया दावा, अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस को ईवीएम तथा वोट चोरी के आरोपों पर घेरा।
**नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026।** पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब की अगली सरकार को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनेगी और आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ेगा।
दिल्ली में यमुना सफाई और जल बोर्ड की परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने विपक्षी दलों पर चुनाव में हार के बाद ईवीएम में गड़बड़ी और वोट चोरी जैसे आरोप लगाने को लेकर सवाल उठाए।
## पंजाब में NDA की जीत का दावा
अमित शाह ने पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विश्वास जताया कि राज्य में राजनीतिक बदलाव होगा। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार सत्ता से बाहर होगी और एनडीए सरकार बनाएगा।
पंजाब में वर्तमान समय में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 117 में से 92 सीटें जीतकर ऐतिहासिक बहुमत हासिल किया था।
ऐसे में वर्ष 2027 का चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए अपनी सत्ता बरकरार रखने की बड़ी चुनौती होगा। वहीं, भाजपा राज्य में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश करेगी।
## अरविंद केजरीवाल पर साधा निशाना
गृह मंत्री अमित शाह ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने पंजाब की राजनीति को लेकर आप नेतृत्व की आलोचना की और दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता पार्टी को सत्ता से बाहर कर देगी।
अमित शाह के इस बयान को भाजपा की पंजाब चुनाव संबंधी रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, एनडीए की जीत का उनका बयान राजनीतिक दावा है और वास्तविक परिणाम मतदान के बाद ही स्पष्ट होंगे।
## कांग्रेस और AAP को ईवीएम के मुद्दे पर घेरा
अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि ये दल चुनावी हार के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी और वोट चोरी के मुद्दे उठाते हैं।
उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक रणनीति पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जनता का विश्वास जीतने के लिए विकास कार्यों पर ध्यान देना आवश्यक है।
ईवीएम और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, चुनावी गड़बड़ी से संबंधित किसी भी आरोप की पुष्टि साक्ष्यों और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की प्रक्रिया के आधार पर ही की जा सकती है।



